हर कोई अपनी पसंद के एक अंक को अपना लकी नंबर मानता है आपने भी कोई एक नंबर जरूर चुना हुआ होगा। आपको बता दें आमतौर पर ये नंबर 1 से लेकर 9 तक होते है। इन नम्बरों को लकी माने के पीछे लोग के अलग – अलग मत होते है जैसे कोई अपने जन्मदिन की तारिख को अपना शुभ अंक मानता है। अब जानिये अंक ज्योतिष क्या कहता है ।

लकी नंबर

कोई अपनी नौकरी लगने वाले दिन की तारीख वाले अंकों को मानता है और भी कई तरह के कारण आपको इन शुभ अंकों के पीछे मिल जाएंगे।आपको बता दें भारतीय सभ्यता में अंक ज्योतिष काफी महत्वपूर्ण माना गया है।

लकी नंबर

अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक या शुभ अंक आपके बारे में कई ऐसे राज़ खोलता है जो शायद आप भी अपने बारे में नहीं जानते होंगे। आज हम आपको बताने वाले है की आप अपना मूलांक यानि लकी नंबर कैसे जान सकते है।

लकी नंबर

अपना मूलांक जानने के लिए अपनी जन्म तारीख के अंकों को जोड़ दीजिये। उदहारण: अगर आपका जन्म 24 तारीख का है तो 2 + 4 = 6। इस तरह आपका मूलांक 6 हुआ।

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अगर आपकी जन्मदिन यानी जन्म की तारीख में सिर्फ एक अंक है तो वही अंक आपका मूलांक होगा। उदहारण: 1, 9, 5 जन्म तारीख वालों का मूलांक क्रमशः 1, 9 और 5 होगा। आपको जानकार काफी हैरानी होगी की आपका मूलांक आपके व्यक्तित्व को भी दर्शाता है साथ ही इनका आपके जीवन में होने वाले अनेक घटनाक्रमों पर भी इनका काफी प्रभाव होता है।

लकी नंबर

1 से लेकर 9 तक हर अंक का स्वामी ग्रह होता है। राशियों के हिसाब से भी ये अंक काफी अहमियत रखते है। अगर आपका मूलांक और आपकी राशि के स्वामी ग्रह एक है तो आप बेहद भाग्यशाली होते है।

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प्राचीन काल से ही बच्चे की जन्म तिथि के आधार पर ही उसकी राशि तय कर उसका नामकरण किया जाता था जिससे बच्चे के ऊपर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। तो निकालिए आप भी निकालिए अपना नंबर और जानिये की कितना ख़ास है वो अंक आपके लिए।

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