बचपन के दिनों में आप और हम सभी स्कूलों के दिनों से कहानियां सुनते आ रहे हैं कि जानवरों में लोमड़ी को सबसे ज्यादा चालाक माना जाता है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि आखिरकार हमें हमेशा से यही क्यों बताया गया कि लोमडी को सबसे चालाक जानवर ही क्यों माना जाता है। तो चालिए आज हम आपको लोमड़ी के बारे में कुछ रोचक बातें बताएंगे जो नहीं सुनी होगी आज से पहले।

चालाक लोमड़ी से जुडी रोचक बातें….

लोमड़ी एक शातिर शिकारी होती है। और यह दिखने में कुत्ते की तरह नजर आती है। लोमड़ी दिन के अलावा रात को ज्यादा शिकार करती है। लोमड़ी एक ऐसा जानवर है जो केवल जंगलो में ही रहता है। लोमड़ी सर्वाहारी जीवो की श्रेणी में आता है जो भूख लगने पर केवल मांसाहारी ही भोजन नहीं बल्कि शाकाहारी भोजन भी आसानी से खा लेता है।

आमतौर पर यह जीव जंगलो के आस पास बसे गांव में शिकार के लिए आ जाता है और गांव वासियों की पालतू भेड़ और बकरियों का शिकार कर लेते हैं

लोमड़ियों का वजन लगभग 4 से 5 किलोग्राम के बीच होता है। लोमड़ीया जमीन पर लगभग 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। लोमड़ीयां अधिकतर अकेले ही जीवन व्यापन करना पसंद करती हैं। बता दें एक स्वस्थ लोमड़ी का जीवन काल लगभग 15 वर्षों का होता है। लोमडिय़ां कई तरह की अलग-अलग आवाज भी निकलती है।

आपको जानकर हैरानी होगी लोमड़ी अपनी मांद बनाने की वजाय दूसरे जीवो की मांद पर कब्जा कर उन्हें ही अपना घर बना लेती है। लोमड़ी की नाक नुकीली और पूंछ झबरी और आंखें बड़ी तेज़ होती हैं।

लोमड़ी केवल भूमि पर ही शिकार नहीं करती बल्कि पेड़ो पर चढ़कर भी शिकार कर लेती हैं। इसी वजह से इसे सबसे चालाक जानवर में से एक माना जाता है। लोमड़ी बड़ी चालाकी से पेडों पर चढ़ जाती है। इतना ही नहीं लोमड़ी 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भाग सकती है।

वहीं मादा लोमड़ी एक वक्त में 2 से 5 बच्चों को जन्म देती है।  फेंनेक नाम की लोमड़ी संसार की सबसे छोटी लोमड़ी है जिसका वजन केवल 1 से लेकर 1.6 किलोग्राम तक होता है और इसके कान 15 सेंटीमीटर लम्बे होते हैं।

ये पक्षी देते संकेत भविष्य की सूचना , कभी न करें नजरअंदाज !