भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बीते मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के 14 साल के लड़के को शौर्य चक्र से नवाजा है। इस 14 साल के लड़के का नाम इरफान रमजान है और इसे शौर्य चक्र आतंकवादियों से लड़ाई करने पर सरकार ने उन्हें यह सम्मान दिया है। बता दें कि भारत में शांति के समय में शौर्य चक्र वीरता पदक के तौर पर दिया जाता है। शौर्य चक्र सैनिकों और असैनिकों को दुश्मन के खिलाफ वीरता या बलिदान के रूप में दिया जाता है। इस चक्र को मरणोपरांत पर भी दिया जाता है।

यह बच्चा अकेले ही आतंकवादियों से लड़ा

शेख के घर को आतंकवादियों ने साल 2017 में 16-17 अक्टूबर की रात को घेर लिया था। शेख के पिता मोहम्मद रमजान के पूर्व सरपंच थे और वह पीपुल्स डेमोके्रटिक पार्टी पीडीपी से भी जुड़े हुए हैं। शेख मोहम्मद रमजान के सबसे बड़े बेटे हैं और उस समय उन्होंने दरवाजा खेला तो उनके घर के बरामदे में तीन आतंकवादी थे और उन तीनों आतंकवादियों के पास तीन राइफल और ग्रेनेड थे।

 

यहां पढ़ें ट्विटर का पोस्ट: https://twitter.com/rashtrapatibhvn/status/1107908556227923969

जब शेख को शौर्य चक्र के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया था तो उसमें लिखा हुआ था, यह भांप लेने पर कि आतंकवादी उनके परिवारा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, उन्होंने गजब का साहस दिखाया और कुछ समय तक आतंकवादियों के सामने खड़े रहे ताकि उन्हें घर में दाखिल होने से रोका जाए। उसी बीच शेख के पिता बाहर आए और तीनों आतंकवादी उन पर टूट गए और जिसकी वजह से बाद भी उन सबके बीच में झड़प हो गई थी।

 

उस प्रशस्ति-पत्र के अनुसार, शेख ने अपने पिता और परिवार की जान बचाने केलिए बिना अपनी सुरक्षा की परवाह करते हुए उन आतंकवादियों पर टूट गए थे। उसके बाद आतंकवादियों ने शेख और उसके पिता पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी जिसके बाद उसके पिता गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे। उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी।

हालांकि उसके बाद भी शेख ने हिम्मत नहीं हारी और वह लगातार आतंकवादियों से लड़ता रहा और वह उस पर अंधाधुंध गोलियां चलाते रहे थे। इस लड़ाई में एक आतंकवादी को शेख ने घायल भी कर दिया था। उसके बाद जब आतंकियों ने देखा कि उनका साथी घायल हो गया है तो उन्होंने भागने की कोशिश की और उसके बाद उनके पीछे शेख भी भागने लगा जिसके बाद वह दोनों आतंकी अपने साथ आतंकी को वहां छोड़कर ही भाग गए।

प्रमाण पत्र के अनुसार, इरफान रमजान शेख ने इतनी कम उम्र में असाधारण बहादुरी और परिपक्वता दिखाई। बता दें कि फिलहाल शेख 10वीं कक्षा में पढ़ता है और वह भारतीय पुलिस सेवा में आईपीएस अधिकारी बनना चाहता है।

शेख की लोगों ने की जमकर तारीफ

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