किन्नर जिन्हें दुनिया में इंसानों की तरह दर्जा नहीं मिलता है। किन्नर यानि ट्रांसजेंडर इन्हें बिल्कुल भी इंसानों में नहीं गिना जाता है। आज के दौर में भी हमारा समाज लिंगभेद में ही उलझा पड़ा है। इससे अभी तक बाहर नहीं निकला है। किन्नर लोग अपनी जिंदगी में कैसी-कैसी परेशानियों का सामना करते हैं शायद ही हम इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं।

किन्नरों को हम सबने ही सड़कों पर भीख मांगते हुए ही दिखाई देते हैं। यह लोग अपने जीवन में हर तरह की परेशानी को झेलते हैं और अपनी मेहनत, जज्बे से अपनी जिंदगी को और लोगों की सोच बदल देते हैं।

कुछ इसी तरह का संघर्ष करके सब किन्नरों के लिए मिसाल बनकर निकली हैं पश्चिम बंगाल की रहने वाली ट्रांसजेंडर जोइता मंडल। ऐसा पहली बार हुआ है कि कोई किन्नर लोक अदालत की जज बनीं है। भारत के इतिहास के लिए 8 जुलाई 2017 सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। इस दिन ट्रांसजेंडर जोइता मंडल को बंगाल के उत्तर दीनापुर जिले के इस्लामपुर लोक अदालत का जज नियुक्त किया गया है।

भारत के इतिहास में जोइता मंडल पहली ट्रांसजेंडर हैं जो लोक अदालत की जज बनी हैं। किसी भी ट्रांसजेंडर के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत के जज बनने का सफर आसान नहीं रहा होगा। किन्नरों को भीख मांगने से लेकर सोशाल वर्कर का काम करते हैं और फिर किसी भी राष्ट्रीय लोक अदालत के बेंच के लिए चयनित होना किसी भी तरह से आसान बात नहीं है।

भीख तक मांगनी पड़ी:

जोइता मंडल एक वक्त पर बीपीओ में नौकरी करती थीं। वहां पर लोग जोइता मंडल का बहुत मजाक उड़ात थे। जब उन पर लिंगभेद टिप्पणियां होती थी तो वह काफी ज्यादा परेशान हो गई थी और उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी।

जोइता मंडल ने साल 2011 में नौकरी छोड़ दी थी और उनकी जिंदगी में एक ऐसा भी वक्त आया था जब वह बस स्टैंड पर भीख मांगती थीं और अपना गुजारा करती थी। जोइता मंडल ने फिर कुछ महिनों बाद अपनी ही कम्युनिटी के लोगों के लिए काम करना शुरू कर दिया था। जोइता मंडल ने एक संस्था शुरू की और उस संस्था का नाम ‘मंशा बंगला’ रखा है।

जोइता मंडल ने सेक्स वर्कर के लिए भी काम किया है:

धीरे-धीरे जोइता मंडल ने समाजसेवा में अपने कदम बढ़ाने शुरू कर दिए। जोइता ने आगे चलकर दिनाजपुर नोतुन आलों सोसाइटी (DNAS) नाम की संस्था खोली थी। यह सोसाइटी ट्रांसजेंडर और उन लोगों के लिए काम करती है। बता दें कि जोइता मंडल ने इस संस्था और इस कम्युनिटी के लिए बहुत कुछ किया है।

जोइता मंडल ने एक ओल्ड ऐज होम भी खोला है। इनमें सेक्सवर्कर रह चुके लोग रहते हैं। यह लोग अपनी जिंदगी को सुधारने में लगे रहते हैं। जोइता का जन्म कोलकाता में हुआ था। जोइता का नाम पहले जयंत मंडल था। जोइता ने कॉलेज की पढ़ाई दूसरे साल तक ही की है उसके बाद उन्होंने छोड़ दिया था। जज बनने के बाद जोइता मंडल अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती है।