नई दिल्ली: जंक फूड स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं होता, यह तो सभी जानते हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि यह जंक फूड उच्च रक्तचाप, आघात, दिल की बीमारी और गुर्दे को प्रभावित करने के साथ साथ ही आपको बांझ भी बना सकता है। आईवीएफ विशेषज्ञ डॉक्टर शोभा गुप्ता बताती हैं कि जंक फूड में वसा की मात्रा ज्यादा होने से वजन तेजी से बढ़ता है। अत्यधिक चर्बी से इस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है, जो ओवरी में सिस्ट बनाने के जिम्मेदार होते हैं। जिससे इंसान पोलीसिस्टिक ओविरियन सिंड्रोम (पीसीओएस) जैसी बीमारी की चपेट में आ सकती हैं। यह पीसीओएस ही बांझपन का मुख्य कारण होता है।

डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार प्रजनन संबंधी हार्मोन महिलाओं और पुरुषों दोनों के शरीर में बनते है। एंड्रोजेंस हार्मोन पुरुषों के शरीर में भी बनते हैं, लेकिन पीसीओएस की समस्या से ग्रस्त महिलाओं के अंडाशय में हार्मोन सामान्य से अधिक बनते हैं। इसकी वजह से अंडाणु सिस्ट या गांठ में तब्दील हो जाता है और कई बार कैंसर का रूप भी ले लेता है। यह स्थिति सचमुच घातक होती है। डॉ. शोभा गुप्ता की माने तो करीब दस फीसदी महिलाएं किशोरावस्था में ही पीसीओएस की समस्या से प्रभावित होती है।

आमतौर पर यह समस्या महिलाओं को प्रजनन की उम्र से लेकर रजोनिवृत्ति तक प्रभावित करती है। डॉक्टरों के अनुसार, ज्यादा चर्बी की वजह से हार्मोन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है। इसलिए वजन कम कर इस बीमारी को बहुत हद तक काबू में किया जा सकता है, जो महिलाएं बीमारी होने के बावजूद अपना वजन घटा लेती हैं उनकी ओवरीज में दोबारा से अंडे बनना शुरू हो जाते हैं। वहीं, पीसीओएस का शुरू में पता न चल पाए और इलाज न हो, तो बांझपन की समस्या के साथ-साथ महिला को मधुमेह टाइप 2 और अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी हो जाती है।