सांप दुनिया में पाए जाने वाले खतरनाक जीवों में एक है और ये अन्य जानवरों की तुलना में अधिक घातक इसलिए भी है क्योंकि ये इंसानी निवास स्थानों के काफी नजदीक होते है। सांप  को देखकर ही लोगों के हाथ पांव क्यों फूल जाते है ये तो जानते ही है क्योंकि अगर इस जीव ने काट लिया तो वो जानलेवा साबित हो जाता है।

Toxic snakeदुनिया में सांपों की करीब 2500 प्रजाति पायी जाती है जिनमें से 500 प्रजातियां ऐसी है जो जहरीली होती है। लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल है की जानकारों के अलावा किसी का सिर्फ इन्हे देख कर बता पाया संभव नहीं है की सांप जहरीला है भी या नहीं।

Toxic snakeआज हम आपको बताने जा रहे है दुनिया के सबसे खतरनाक 4 सांपों के बारे में कहा जाता है इनका थोड़ा सा जहर भी कई लोगों को मौत की नींद सुलाने के लिए काफी है। इन सांपों का आक्रमक व्यवहार भी इन्हे बेहद खतरनाक बनता है।

Belcher c snakeबेल्चर सी स्नेक : दुनिया के सबसे जेहरीले सांपों की लिस्ट में ये पहले स्थान पर है। सी स्नेक साउथ ईस्ट एशिया और नॉर्थन ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। लेकिन गहरे पानी का जीव होने की वजह से लोग काम ही इसका शिकार बनते है। इसके ज़हर की कुछ मिलीग्राम बुँदे ही 1000 इंसानो की मौत के लिए पर्याप्त है।

Blue cante snakeब्लू करैत स्नेक : दक्षिण पूर्व ऐसा और इंडोनेशिया में पाया जाने वाला सांप इस लिस्ट में दुसरे स्थान पर आता है। कोबरा सांप के मुकाबले इसका जहर काफी घातक माना जाता है। ये इंसानों को काटने से बचता है लेकिन दुसरे सांपों को शिकार बनाने में माहिर है। बहुत काम बार देखा गया है की कोई इंसान इस सांप का शिकार बना हो लेकिन अगर गलती से इसने किसी को काट लिया तो १ मिनट से पहले मौत होना तय है।

Black mambaब्लैक माम्बा : मुख्य रूप से अफ्रीका में पाया जाने वाला ये सांप अपनी गुससैल आदत के कारण बेहद खतरनाक है क्योंकि अगर कोई जीव इसे छेड़े बिना भी इसके नजदीक से निकल जाए तो ये खुद ही उसपर हमला कर देता है। इसके गुस्से का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है की सिर्फ्र एक बार काट के भागता नहीं जैसा बाकी सांप करते है बल्कि ये अपने शिकार को कई बार डंस लेता है जिससे जीवित रहने की सम्भावना ख़त्म हो जाए।

Indian Cobraइंडियन कोबरा : ये सांप भारत में पाया जाना वाला सबसे जहरीला सांप है इससे लोग जितना डरते है उतना शायद किसी से नहीं। भारत में इस सांप की पूजा भी की जाती है लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार हर साल करीब १५ हजार लोग इतने डसने का शिकार हो जाते है।