भारत और शर्म का पौराणिक नाता रहा है और यही वजह है की भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है। भारत दुनिया भर में अपने प्राचीन और भव्य मंदिरों के लिए मशहूर है। भारत में कई ऐसे प्राचीन , अतिशयकारी और चमत्कारी मंदिर है जहाँ होने वाले चमत्कारों के आगे दुनिया नतमस्तक हो जाती है। आज हम आपको 2 ऐसे ही चमत्कारी मंदिरों के बारे में बता रहे है जो अद्भुत होने के साथ साथ बेहद रहस्यमयी भी है।

चमत्कारी मंदिर 

भारत के दो चमत्कारी मंदिर

1. पद्मनाभस्वामी मंदिर

चमत्कारी मंदिर 

केरल राज्य में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर भगवान् विष्णु का मंदिर है। इस चमत्कारी मंदिर के मूल स्वामी यानी विष्णु भगवान् की मूर्ति किसके और कब स्थापित की कोई नहीं जानता। इस मंदिर की प्राचीनता को लेकर पौराणिक कहानियां है। अपनी रहस्यमयी छवि के लिए मशहूर इस मंदिर के बारे में कहा जाता है की इस मंदिर के तहखानों में अपार धन संपदा मौजूद है।

चमत्कारी मंदिर 

साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक इस मंदिर में मौजूद गुप्ता तहखानों को खोला गया था।बताया जाता है की इस चमत्कारी मंदिर के नीचे 6 तहखाने है जिनमे से 5 को खोला जा चुका है और महज 5 दिनों में इन तहखानों से करीब एक लाख करोड़ का खजाना मिला था।

चमत्कारी मंदिर 

ये अब तक मिला सब से बड़ा खजाना है। अभी इस मंदिर का छठा तहखाना खोलना बाकी है लेकिन लोगों का मानना है की इस तहखाने को खोलने पर प्रलय आ सकती है।

2.ज्वालामुखी मंदिर

चमत्कारी मंदिर 

हिमाचल प्रदेश के कांगडा घाटी से 30 कि॰मी॰ दक्षिण में हिमाचल प्रदेश में स्थित है। यह मंदिर 51 शक्ति पीठों में शामिल है। ज्वालामुखी मंदिर को जोता वाली का चमत्कारी मंदिर और नगरकोट भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार पांडवों ने इस मंदिर की खोज की थी।

चमत्कारी मंदिर 

बताया जाता है की इस चमत्कारी मंदिर पर माता सती की जीभ गिरी थी जो प्राचीन काल से एक ज्योत के रूप में जल रही है। यही वजह है कि इस मंदिर में अब माता के दर्शन एक ज्योति के रूप में होते हैं।

चमत्कारी मंदिर 

इस दिव्य ज्योत के जलने के पीछे का रहस्य के आगे विज्ञान भी फेल हो चुका है। इस चमत्कारी मंदिर के रहस्य के लिए यही कहा जा सकता है की चमत्कार को नमस्कार है।

अद्भुत चमत्कार : गर्मी में मंदिर का AC बंद होते ही माता की मूर्ती को आने लगता है पसीना !