RSS प्रमुख मोहन भागवत के ‘तीन दिन में सेना तैयार करने’ वाले बयान पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया है। राहुल गांधी ने इसे हर भारतीय का अपमान बताया है, क्‍योंकि यह उन लोगों का अपमान है जिन्‍होंने हमारे देश के लिए अपनी जान न्‍योछावर कर दी। उन्‍होंने यह भी कहा कि हमारे शहीदों और सेना का अपमान करने के लिए मोहन भागवत को शर्म आनी चाहिए। दरअसल मोहन भागवत बिहार के मुजफ्फरपुर के जिला स्कूल मैदान में आयोजित स्वयंसेवकों के खुले सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। तभी भागवत ने कहा था कि उनके स्वयंसेवक देश की रक्षा के लिए तैयार हैं और अगर देश को जरूरत पड़ी और संविधान इजाजत दे तो तीन दिनों में ही वे सेना के रूप में मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार हो जाएंगे।

उनके इस बयान पर राहुल ने सोमवार को निंदा करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘आरएसएस चीफ का यह बयान हर भारतीय का अपमान है, क्योंकि उन्होंने देश के लिए जान देने वालों का असम्मान किया है। यह देश के झंडे का भी अपमान है, क्योंकि तिरंगे को सलाम करने वाले सैनिकों का अपमान किया गया है। भागवत को सेना और शहीदों का अपमान करने के लिए शर्म आनी चाहिए।’ दूसरी तरफ संघ ने भागवत के बयान पर सफाई दी है। संघ की तरफ से जारी बयान में कहा गया, ‘मोहन भागवत भारतीय सेना की तुलना आरएसएस से नहीं कर रहे थे।

हकीकत में उन्होंने कहा था कि आर्मी अपने जवानों को तैयार करने में 6 महीने का समय लेती है। अगर आरएसएस ट्रेनिंग दे तो सैनिक 3 दिन में स्वयंसेवक भी बन सकते हैं।’ सेना से तुलना के कारण सोशल मीडिया पर भागवत की काफी आलोचना हो रही थी।

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