भारतीय कानून के नियम – किसी इंसान की जान लेना कोई मज़ाक की बात नहीं है। कानून में भी इस कृत्‍य के लिए सख्‍त से सख्‍त सज़ा का प्रावधान है लेकिन अगर आप खुद को बचाने या आत्‍मसुरक्षा के लिए किसी की हत्‍या कर रहे हैं तो इसे अपराध नहीं माना जाएगा।

 

आत्मरक्षा कानून

भारतीय कानून के अनुसार आईपीसी के तहत आप किसी भी इंसान को 6 तरह की परिस्थितियों जान से मारने का अधिकार रखते हैं।

 

आत्मरक्षा कानून

आज हम आपको ऐसी ही 6 परिस्थितियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें किस को जान से मार देना मर्डर नहीं कहलाता है और इसमें किसी भी तरह की जेल या सज़ा भी नहीं होती है।

 

भारतीय कानून के नियम –

पहली परिस्थिति :

 

आत्मरक्षा कानून

धारा 103 और 104 के तहत अगर कोई व्‍यक्‍ति आत्‍मसुरक्षा के लिए किसी की हत्‍या करता है तो उसे मर्डर नहीं कहा जाता है। खुद को किसी भी खतरे से सुरक्षित रखना आत्‍मसुरक्षा है।

 

दूसरी परिस्थिति :

आत्मरक्षा कानून

अगर आप किसी के साथ हैं और अचानक से आपको महसूस होता है कि वो आपको नुकसान पहुंचाने वाला है तो ऐसी परिस्थिति में आप आत्‍मसुरक्षा के लिए उस पर हमला कर सकते हैं। हालांकि, इसे कोर्ट में साबित करना काफी मुश्किल होता है।

 

तीसरी परिस्थिति :

आत्मरक्षा कानून

अगर किसी महिला या लड़की को अहसास होता है कि कोई उस पर हमला करने वाला है या उसका रेप करने वाला है तो वो आत्‍मसुरक्षा के लिए उस इंसान की जान तक ले सकती है। कोर्ट इस तरह के हमले को हत्‍या की श्रेणी में नहीं रखता है।

 

चौथी परिस्थिति :

आत्मरक्षा कानून

अगर कोई महिला रेप की कोशिश के दौरान किसी पुरुष को घायल कर देती है या हमला कर देती  है और इस वजह से उसकी मौत हो जाती है तो से भी मर्डर नहीं आत्‍मसुरक्षा कहलाता है।

 

पांचवी परिस्थिति :

आत्मरक्षा कानून

अगर किसी व्‍यक्‍ति का अपहरण हो गया है तो वह व्‍यक्‍ति आत्‍मसुरक्षा में अपने अपहरणकर्ता पर हमला कर सकता है। अगर इस हमले के दौरान अपहरणकर्ता के गैंग में से किसी की मौत हो जाती है तो इसे हत्‍या नहीं कहा जाएगा।

 

छठी परिस्थिति :

आत्मरक्षा कानून

अगर किसी महिला के ऊपर एसिड अटैक जैसी घटना को अंजाम दिया जा रहा हो और ऐसे में महिला द्वारा खुद का बचाव या किसी व्यक्ति द्वारा महिला के बचाव करने में हमलावर की जान जाती है तो उस परिस्थिति में भी इसे हत्या नहीं काहा जा सकता।

 

आत्मरक्षा कानून

ये है भारतीय कानून के नियम – अगर आप आत्‍मसुरक्षा में किसी की जान ले लेते हैं या गलती से खुद बचाने में आपसे किसी की हत्‍या हो जाती है तो कानूनन आपके ऊपर कोई केस नहीं चलता लेकिन इन सभी परिस्थितियों को कोर्ट में साबित करना बहुत मुश्किल होता है इसलिए जो भी करें सोच-समझकर करें।

पाकिस्तान के 10 अटपटे -अजीब कानून , जिन्हें जानकर लोग अपना सिर पीट लेते है !