सितारगंज: ग्राम बिरिया भूड़ में वृद्ध किसान की संदिग्धावस्था में मौत हो गई। उस पर बैंक का करीब 1.91 लाख का ऋण बकाया था। जिसको चुकाने के लिए उसे नोटिस मिला था। लोगों का मानना है कि उसकी मौत कर्ज न चुका पाने के के बाद नोटिस आने के सदमे से हुई। जिलाधिकारी का कहना है कि मामले की सभी कोणों से जांच कराई जायेगी। नानकमत्ता के ग्राम बिरिया भूड़ निवासी मस्सा सिंह (70) पुत्र गुरमेज सिंह ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की सितारगंज शाखा से कृषि ऋण लिया था। बाद में उस लोन को ट्राली के नाम पर परिवर्तित कर दिया गया। बताया जाता है कि आर्थिक तंगी के चलते मस्सा ऋण की कुछ किश्तें ही चुका पाया।

बाद में 91122 रुपये बकाया रह गया। बताते है कि दो दिन पूर्व बैंक के अधिकारी उसके घर पहुंचे व बकाया ऋण जमा करने का तकादा किया। साथ ही उसे नोटिस देकर 15 दिन के भीतर पूरी रकम जमा करने को कहा गया। नोटिस में लोन जमा न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मस्सा 15 दिन में इतनी रकम जुटा पाने में खुद को असमर्थ महसूस कर रहा था। बताते है कि नोटिस मिलने के बाद वह काफी दुखी था। उसके पास करीब ढ़ाई एकड़ जमीन थी वह भी बैंक में बंधक थी।

गत दिवस उसकी मौत हो गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि चूंकि वह कर्ज को लेकर तनाव में था। इसी से उसकी मौत हुई। उसके परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराये ही अंतिम संस्कार कर दिया। मस्सा ने विवाह नहीं किया था व उसकी संतान भी नहीं है। उसने किसी रिश्तेदार के पुत्र को दत्तक पुत्र के तौर पर अपने पास रखा था।

– रमेश यादव