एक समय था जब आधी से अधिक दुनिया गुलाम थी और सम्भ्रान्त देशों की सत्ता गरीब देशों पर राज करती थी लेकिन धीरे धीरे ये गुलामी खत्म हो गयी और देश आजाद होते चले गए पर क्या आप यकीन करेंगे 21वीं सदी में भी लोग गुलाम हो सकते है।

अदर वर्ल्ड किंगडम

आपने महिलाओं की गुलामी के कई किस्से सुने होंगे लकिन हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बता रहे है जहाँ महिलाओं का राज चलता है और इस देश का नाम है ‘अदर वर्ल्ड किंगडम’। ये देश 1906 में यूरोपियन देश चेक रिपब्लिक से बना था।

अदर वर्ल्ड किंगडम

इस देश में अभी महिलाएं राज करती है और पुरुषों को गुलामी करनी पढ़ती है। अदर वर्ल्ड किंगडम देश को ‘वुमन ओवर मेन’ का लोगो भी दिया गया है। इस देश की रानी का नाम पैट्रिसिया-1 है। हालांकि, इसे अन्य राष्ट्रों ने देश का दर्जा नहीं दिया है।

अदर वर्ल्ड किंगडम

चेक रिपब्लिक में स्थित, अदर वर्ल्ड किंगडम देश का अपना अलग झंडा, करेंसी, पासपोर्ट और पुलिस फोर्स है। इस देश की मूल नागरिक सिर्फ महिलाएं ही हैं। इस देश की राजधानी का नाम ब्लैक सिटी है। यहां पुरुषों को जानवर समझा जाता है। हम आपको बता दें कि इस देश को बनाने का कुल लागत दो मिलियन डॉलर यानी 12 करोड़ रुपए आई थी।

अदर वर्ल्ड किंगडम

महारानी के लिए कुर्सी
इस देश में एक अनोखा कानून है कि यहां महारानी को बैठने के लिए पुरुषों को सोफा बनना पड़ता है। अगर गुलामो को शराब पीनी होती है तो पहले शराब रानी की पैरों में डाली जाती है। उसके बाद ही गुलाम उसे पी सकता है।

अदर वर्ल्ड किंगडम

देश की नागरिकता लेने के है कुछ नियम
अदर वर्ल्ड किंगडम में जो भी फैसले लिए जाते है वो महारानी पैट्रिसिया-1 ही लेती है। महारानी ने देश की नागरिकता पाने वाली वाली महिलाओं के लिए कुछ नियम बनाए हैं।

अदर वर्ल्ड किंगडम

देश की नागरिकता उसे ही मिलेगी जो अपनी सहमति से संबंध बनाने की उम्र तक पहुंच गई हो।महिला के पास कम से कम एक पुरुष नौकर होना चाहिए।

अदर वर्ल्ड किंगडम

देश की नागरिकता पाने वाली महिला को कम से कम पांच दिन महारानी के महल में बिताने होंगे। तभी वह देश की नागरिकता हासिल कर सकती हैं।

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