गुजरात में कांग्रेस विधायक दल के नेता परेश धानाणी ने आज विधिवत विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष या विरोधी दल के नेता के तौर पर पदभार संभाल लिया। अमरेली से तीन बार के विधायक धानाणी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गत छह जनवरी को गुजरात में पार्टी विधायक दल का नेता चुना था। वह मुख्य विपक्षी दल के विधायक दल के नेता होने के कारण पदेन नेता प्रतिपक्ष बन गये जिसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है।

धानाणी ने यहां अपने कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के पहले विधिवत पूजा में भाग लिया। इस अवसर पर विधायक दल के नेता पद के लिए उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे कोली नेता कुंवरजी बावरिया के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी, पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया, पूर्व विधायक शक्तिसिंह गोहिल, राज्यसभा सांसद मधुसूदन मिस्त्री भी उपस्थित थे।

पाटीदार समुदाय के नेता धानाणी को पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल का करीबी भी माना जाता है। बाद में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि पार्टी के कुल 77 में से 41 नवनिर्वाचित विधायकों को विधायी कार्यों में निपुणता प्रदान करने के लिए एक कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात से भाजपा के भय भूख और भ्रष्टाचार वाले शासन को उसी तरह उखाड़ फेकेगी जिस तरह इसने आजादी की लड़ाई के दौरान अंग्रेजों को देश से भगाया था। अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी। ज्ञातव्य है कि राज्य के सभी नवनिर्वाचित विधायक कल यहां नये सचिवालय के साबरमती हॉल में विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेंगे।

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