शिमला : प्रदेश में सोलन जिला से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस केन्द्रीय राज्य मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ धनी राम शांडिल की मौजूदगी में बीपीएल परिवारों के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 मई, 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से इस सामाजिक कल्याण योजना का शुभारंभ किया था।

धर्मेन्द्र प्रधान के कहा कि केन्द्र सरकार का लक्ष्य प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत देशभर के बीपीएल परिवारों को एलपीजी कनैक्शन प्रदान करना है। योजना का उद्देश्य देशभर के बीपीएल परिवारों की महिलाओं के नाम 5 करोड़ एलपीजी कनैक्शन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों की पात्र महिलाएं उज्जवला योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक देशभर में योजना के आरम्भिक प्रथम वर्ष में 2.25 करड़ नए लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 16 लाख घरों में से 14 लाख घरों में एलपीजी कनैक्शन हैं और इस तरह 80 से 90 प्रतिशत परिवारों के पास यह सुविधा उपलब्ध है, जबकि बिहार, उड़ीसा तथा उत्तर प्रदेश में यह सुविधा 60 प्रतिशत से भी कम परिवारों के पास उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि इसे राष्ट्रीय औसत के समीप लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आज देश में सक्रिय एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 20 करोड़ से अधिक हो गई है। वर्ष, 2014 में उपभोक्ताओं की यह संख्या केवल 14 करोड़ थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के लिए 3 वर्षों के दौरान 8,000 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में एलपीजी के 172 वितरण केन्द्र हैं और उन्होंने अगले कुछ महीनों में 50 और वितरण केन्द्र खोलने की घोषणा की, जो राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेंगे। प्रथम चरण के अंतर्गत सोलन जिले में लगभग 200 परिवारों को एलपीजी कनैक्शन वितरित किए गए और अभी तक 1450 बीपीएल परिवारों को पंजीकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि बीपीएल परिवारों को लाभान्वित करने वाली यह एक महत्वकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 2,82,370 बीपीएल परिवार हैं और एलपीजी कनैक्शन से उन्हें जीवाश्म ईंधन का उपयोग करने से निश्चित रूप से छुटकारा मिलेगा, जिससे वनस्पतियों व जीवों पर अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ और अधिक कुशल एलपीजी के उपयोग से ग्रामीण भारत में इस्तेमाल होने वाले अस्वच्छ खाना पकाने वाले ईंधन से छुटकारा पाने में मदद मिलेगी।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, जो हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से संबंध रखते हैं, ने इस अवसर पर कहा कि केन्द्र सरकार अति गरीब लोगों के उत्थान के लिए समर्पित है और गरीब व जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की गई हंै। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण भारत की महिलाओं को सशक्त बनाने की सोच रखते हैं। आने वाले समय में हिमाचल में कोई भी परिवार गैस कनैक्शन से वंचित नहीं रहेगा और यह ग्रामीण गरीबों के जीवन में बदलाव की दिशा में एक कदम है। सांसद, विधायकगण तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

– विक्रांत सूद