हिंदू धर्म के अनुसार घर में कछुआ रखना बहुत शुभ माना जाता है। क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु का एक रूप कछुआ था। कुछआ इंसान की तरक्की करने में हमेशा सहायक रहा है तो वहीं दूसरी ओर जानवरों की विकास दर दिन पर दिन कम होती जा रही है। इसकी वजह सिर्फ इंसान ही हैं और इनकी लोगों की लपारवाही ही हां इंसानों की वजह से केवल जंगल ही नहीं बल्कि अब समुद्र में भी पेरशानी होने लगी है।

हम इंसान हर रोज ना जाने कितने प्रकार की वस्तुएं प्रयोग करते हैं इनमें से प्लास्टिक भी एक ऐसा सामान होता है जिसका प्रयोग हर कोई व्यक्ति करता ही है। इसी वजह से प्लास्टिक का कचरा भी बढ़ता जा रहा है। और प्लास्टिक एक ऐसी चीज है जो कभी भी बाकी अन्य मटेरियल की तरह वातावरण में घुलती नहीं है बल्कि वैसे की वैसी ही रहती है। प्लास्टिक और अन्य कचरों को इंसान ठिकाने भी नहीं लगाते हैं और जहां मन करे वहीं फेक देते हैं जिसकी वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। और इसके साथ-साथ पर्यावरण और उसमें रहने वाले प्राणियों को इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। जैसा कि हम सभी ने आज कल अपने आस-पास समुद्र में देखा है कि लोग सीधा नदियों में बिना कुछ सोचे समझे कचरा फेंक देते हैं।

बता दें कि समुद्र और नदियों में फेंके गए इस कचरे का सबसे ज्यादा नुकसान इसमें रह रहे जीव जंतुओं पर पड़ता है। ऐसे में कई बार आपके द्वारा फेके गए कचरे की वजह से इन जीव जंतुओ की जान चली जाती है। तो चालिए आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसमें इंसानो की छोटी-छोटी गलतियों की वजह से इन मासूम जीवों की जान पर आफत बन जाती है।

इंसानों की गालतियां झेलते हैं जीव-जंतु…

आप देख सकते हैं इस फोटो में कि इस कछुए का आकार बाकी सभी कछुओं से कुछ अलग है। इस कछुए का बीच का हिस्सा दो भागों में बटा हुआ है। इस कछुए की ऐसी हालत इसलिए ऐसी हुई क्योंकि इसकी बॉडी करीब 19 सालों से एक प्लास्टिक की बोतल में फंसी हुई थी। इस वजह से कछुए के अंदरूनी हिस्से दो भागों में बटं गए है। अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर कछुए की बॉडी में ये छोटी सी रिंग फंसी कैसे।

दरअसल ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि जब ये कछुआ छोटा था तो इंसानों के फेंके गए कचरे के करण ये प्लास्टिक रोंग इस कछुए की बॉडी में अटक गई होगी। उस दौरान कछुए ने आपनी बॉडी को बोतल में से निकलने की कोशिश की होगी लेकिन वह सफल नहीं हो पाया होगा। फिर समय बीतता गया और कछुआ बॉडी में फंसी इस प्लास्टिक रिंग के साथ ही बड़ा होता चला गया। अब कुछ समुद्री वैज्ञानिको ने इस कछुए की ऐसी हालात दिखाई है जब इसको 19 साल हो गए हैं।

समुद्री वैज्ञानिक ने बॉडी में फासी रिंग काट के अलग की…

बता दें कि समुद्री वैज्ञानिक इस कछुए को अपने साथ ले आए और उन्होंने इसकी बॉडी में फंसी रिंग काट के अलग कर दी। लेकिन रिंग निकल जाने के बाद भी उसकी बॉडी ने वैसी ही शेप बना ली क्योंकि इस कछुए का विकास ही प्लास्टि रिंग की वजह से ऐसा हुआ था। आप खुद भी इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं जब इंसान की ऊंगली में कोई अंगूठी फंस जाती है तो उसकी जान निकल जाती है और इस कछुए की तो पूरी बॉडी में ही ये रिंग 19 सालों तक फंसी रही तो इस बेचारे कछुए ने कैसे इतना दर्द सहन किया होगा। अब वैज्ञानिकों की देख रेख में फिलहाल ये कछुआ स्वस्थ है।