नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने रामजस कॉलेज में इस साल फरवरी में कुछ विद्यार्थियों द्वारा की गयी देश विरोधी नारेबाजी के मामले में प्राथिमकी दर्ज करने की मांग संबंधी अर्जी पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।  मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाष मल्होत्रा ने शिकायतकर्ता वकील विवेक गर्ग और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी।

अदालत ने पहले गर्ग को इस घटना को जेएनयू के एक प्रकरण से मिलाने पर चेतावनी दी थी। जेएनयू मामले में राजद्रोह का आरोप लगाया गया है। फरवरी 2016 में तत्कालीन जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत उसके कुछ छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के साथ जेएनयू सुर्खियों में आ गया था। रामजस कॉलेज मामला नारेबारजी तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं वाम संगठनों आइसा एवं एसएफआई के समर्थक विद्यार्थियों के बीच झड़प से जुड़ है।