वैसे तो हम सभी लोग खाने के लिए और अपना घर चलाने के लिए दिनरात मेहनत करते है तब जाकर उन्हें दो वक्त की रोटी नसीब होती है। हम सभी के घर में ज्यादातर गेहूं की रोटी ही खाई जाती है। आमतौर पर गेहूं का रंग भूरा होता है और इसके आटे का रंग सफ़ेद। लेकिन हाल ही में ऐसा सुनने में आया है कि आने वाले समय में आप सभी गेहूं की सफ़ेद रोटी नहीं बल्कि काले रंग की रोटियां खाएंगे।

जी हाँ , ये सुनकर आपको यकीन तो हो नहीं रहा होगा लेकिन ये सच है आपको बता दे कि प्राचीन काल से ही भारत कई प्रकार की महान खोज करता रहा है। भारत को नए-नए उत्पाद बनाने में उसका सर्वश्रेष्ठ स्थान रहा है।

roti

हाल ही में भारत में ऐसा काम किया है नेशनल एग्रो फूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट मोहाली ने ब्लैक वीट का पेटेंट करा कर जिसका नाम ‘नाबी’ दिया है। सभी लोग इसे देखकर चौक गए हैं क्योंकि यह बहुत खास है इसकी खासियत लोगों को आश्चर्य में डाल रही है। पूरी दुनिया की कंपनियां इसे हासिल करना चाहती है।

आपको बता दे कि सात साल के रिसर्च के बाद काले गेहूं का इजाद किया गया। इस गेहूं खास बात ये है कि ये आम गेहूं से भी ज्यादा पौष्टिक है और दिल की बीमारी के रोकथाम के लिए मददगार है इसे पहली बार पंजाब में उगाया जाएगा।

Heart Attack

साथ ही इसकी कीमत आम गेहूं के मुकाबले दोगुनी होगी लेकिन इसके लिए अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। आजकल के प्रदूषित अनाज से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है ऐसे में अनाज मददगार साबित होगा।