पटना  : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद को लेकर उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर नीतीश चुप्पी पर प्रश्न खडा किया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाएगी। पटना स्थित अपने आवास पर आज आयोजित जनता दरबार के बाद पत्रकारों द्वारा भाजपा के समर्थन किए जाने पर के बारे में पूछे जाने सुशील ने कहा कि पहले नीतीश कुमार महागठबंधन से नाता तोडने और भाजपा से आग्रह करने पर उनकी पार्टी विचार करेगी। उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद बिहार की महागठबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) सरकार के गिरने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सुशील ने कहा कि वे कोई भविष्यवेत्ता नहीं हैं पर यह सरकार अपने बोझ तले टूट जाएगी और उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाएगी।

उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर नीतीश कुमार की चुप्पी पर प्रश्न खड़ा करते हुए सुशील ने पूछा कि आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिनपर उनके एक सहयोगी मंत्री ने भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है के समर्थन में के सी त्यागी को भेजते हैं पर वे अपने महागठबंधन में शामिल राजद प्रमुख के खिलाफ उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उन्होंने नीतीश कुमार पर सत्ता की लालच में लालू की गोद में चले जाने के अपने पुराने आरोप को दोहराते हुए कहा कि नीतीश कुमार और जदयू के पूर्व प्रमुख जार्ज फना’ डिस के निर्देश पर उनकी पार्टी के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और शिवानंद तिवारी ने राजग शासनकाल के दौरान लालू प्रसाद के खिलाफ दूसरी याचिका दायर की थी पर अब कुर्सी की खातिर लालू के साथ समझौता कर लिया।,जारी

(भाषा)