देहरादून : उत्तराखंड का एक और लाल आंतकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गया है। जम्मू कश्मीर के सुजवां में हुए आतंकी हमले के दौरान जवान राकेश रतूड़ी घायल हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने मिलिट्री हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जम्मू कश्मीर के सुजवां में दो दिन पहले आतंकियों ने हमला किया था। इस दौरान आतंकियों से लोहा लेते हुए हवलदार राकेश रतूड़ी (44 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए सेना के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

जवान राकेश रतूड़ी मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल के पाबौ ब्लॉक की बाली कंडारस्यूं पट्टी स्थित सांकर सैंण गांव के रहने वाले थे। सालभर पहले ही उन्होंने प्रेमनगर के बड़ोवाला में घर बनाया था। वह अपने पीछे पत्नी नंदा देवी और दो बच्चों नितिन और किरण को छोड़ गए हैं। उनका बेटा नितिन (17 वर्ष) एसजीआरआर पटेलनगर में कक्षा ग्यारह का छात्र है।

जबकि बेटी किरण (19 वर्ष) पत्राचार से बीए कर रही। शहीद के चाचा शेखरानंद रतूड़ी ने बताया कि महार रेजीमेंट में तैनात राकेश साल 1996 में फौज में भर्ती हुए थे। उनकी शिक्षा राइंका सांकर सैंण में हुई। वह तीन जनवरी को छुट्टी पर आए थे और 9 जनवरी को वापस चले गए। पिछले तीन दिन से उनका फोन नहीं उठ रहा था। जिस कारण परिवार चिंतित था। लेकिन कल रात उन्हें राकेश की शहादत की खबर मिली।

मुख्यमंत्री ने शहादत को किया सलाम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुजवांं आर्मी कैम्प पर हुए आतंकी हमले में उत्तराखंंड के जवान राकेश चन्द्र रतूड़ी की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति और दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीद के परिजनों की हर सम्भव सहायता करेगी।

शहीद राकेश का गांव सांकर भी शोक में डूबा
आतंकी हमले में पौड़ी जिले के ब्लाक पाबौ के सांकर गांव निवासी राकेश रतूड़ी की शहादत की सूचना पर उनके गांव में भी शोक की लहर है। सभी की आंखों में अपने लाल को खो देने का दुख झलक रहा था। गांव में सोमवार शाम को राकेश की शहादत की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण देहरादून के लिए निकल पड़े थे। वहीं गांव में जैसे ही शहादत की खबर आई, लोगों की आंखे नम हो गई। उनकी शहादत पर गांव में माहौल गमगीन है। परिजनों सहित सारे परिचित भी देहरादून पहुंचे हैं। पौड़ी के एडीएम रामजी शरण शर्मा ने बताया है कि शहीद का पार्थिव शरीर देहरादून लाया जा रहा है।

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