महाराष्ट्र के धुले जिले में गत रविवार को बच्चा चोर होने के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मद्देनजर पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों के प्रति लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है। जिला पुलिस अधीक्षक एम रामकुमार ने बताया कि पुलिस इस अभियान के तहत मुनादी करा रही है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक बनाने के लिए धुले जिले के 1,800 से अधिक गांवों में पर्चे भी बांटे जा रहे हैं और संदेश प्रसारित करने के लिए समाचार चैनलों की भी मदद ली जा रही है।

सोशल मीडिया पर क्षेत्र में बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने की अफवाहों के चलते गत एक जुलाई को धुले जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर रैनपाड़ा गांव में भीड़ ने पांच घुमंतू आदिवासियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के वायरल हुए वीडियो में भीड़ इन लोगों को लाठी-डंडों, चप्पलों और पत्थरों से मारती दिखती है।

यह घटना तब हुई जब इन पांच लोगों में से एक ने 6 वर्षीय एक लड़की से बात करने की कोशिश की थी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिसकर्मी सरपंच, पंचायत सदस्यों जैसे स्थानीय नेताओं से संपर्क कर रहे हैं जिससे कि ग्रामीणों को सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली फर्जी खबर और अफवाहों के प्रति जागरूक किया जा सके। धुले जिले में 1,800 से अधिक गांव हैं जिनकी आबादी लगभग 22 लाख है।