भारतीय वायुसेना के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तान ने 1 मार्च को भारत को सौंप दिया था। जम्मू कश्मीर में 27 मार्च को भारतीय वायुसेना और पाकिस्तारन एयरफोर्स के बीच डॉग फाइट हुई थी जिसमें विंग कमांडर अभिनंदन ने मिग-21 से पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया था। उस समय उनका भी मिग क्रैश हो गया था और वह पाकिस्तान में जाकर गिर गए थे।

अभिनंदन को पाक सेना ने पकड़ लिया था। उसके बाद से उन्हें वापस देश लाने में कोशिशें शुरू हो गईं थीं। खबरों के अनुसार यह पता चला है कि विंग कमांडर अभिनंदन की रिहाई में अमेरिका ने एक अहम किरदार निभाया है। अमेरिका के जनरल जोसेफ वोटेल लगातार पाकिस्तान के संपर्क में थे और उन्होंने पाक को साफ बोल दिया था कि भारतीय वायुसेना का कमांडर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लौटा दो।

भारत सिर्फ अभिनंदन की ही वापसी से होगा शांत

जैसे ही विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना के कब्जे की खबर 27 फरवरी को सामने आर्ई वैसे ही दिल्ली से लेकर वॉशिंगटन तक सारी मशीनरी एक्टिव हो गई थी। पाकिस्तान के ऊपर अमेरिका की मिलिट्री ऑफिसर्स का दबाव बार-बार डाला जा रहा था कि वह अभिनंदन को भारत वापस भेंजेगे तभी वह शांत होगा और तनाव कम होगा।

खबरों के अनुसार यूएस के सेंटकॉम कमांडर जनरल जोसेफ वोटेल ने पाक आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से फोन पर बात की और जनरल वोटेल ने उन्हें विंग कमांडर को जल्द से जल्द छोडऩे के लिए कहा।

सहारा लिया गया ब्रिटेन से भी

बता दें कि जनरल जोसेफ जिस कमांड के मुखिया हैं उस पर अफगानिस्तान में ऑपरेशन की भी जिम्मेदारी उन पर ही है। बता दें कि तालिबान को वार्ता की मेज पर लोन में पाकिस्तान लगातार कोशिशें कर रहा है। पाकिस्तान आर्मी चीफ का एकमात्र स्त्रोत ही सेंटकॉम कमांडर अमिरेका से बात करने का है। उस समय अमेरिका की तरफ से ज्यादा से ज्याद बातचीत जनरल वोटेल ने की थी और उस बातचीत में उनके साथ उस समय अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनएसए जॉन बोल्टन भी थे।

तो वहीं बोल्टन उस समय भारत के एनएसएसस अजित डोवाल से लगातार बातचीत कर रहे थे। हालांकि पाकिस्तान को पूरी तरह से डील करने की जिम्मेदारी बोल्टन ने जनरल वोटेल पर डाली दी थी। पाकिस्तान को संदेश अमेरिका ने ब्रिटेन के जरिए भिजवाया था। ब्रिटेन का पाकिस्तान की सेना पर बहुत प्रभाव है।

अभिनंदन को उसके देश जल्द से जल्द भेजा जाए

उस समय पाकिस्तान में अमेरिका के समकक्ष जनरल जुबैर महसूद हयात से ज्वॉइन्ट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल जोसेफ ड्यूफोई ने बात की थी। उस समय जनरल जोसेफ से बताया कि भारत ने जो काउंटर टेररिज्म स्ट्राइक की उसके बाद पाकिस्तान ने जो प्रतिक्रिया देते हुए हमला किया उसे अमेरिका तनाव बढ़ाने की कार्रवार्ई मान रहा है।

दूसरी तरफ जनरल वोटेल के संदेश को लगातार कई चैनल्स के जरिए पाकिस्तान को भेजा जा रहा था। पाक को यह लगातार कहा जा रहा था कि उसे बिना किसी देर किए औै डील किए भारत को विंग कमांडर अभिनंदन सौंपा जाए। लेकिन पाकिस्तान में कुछ ऐसे लोग थे जो अभिनंदन को वापस भारत नहीं भेजना चाहते थे। पाक के सिस्टम के कर्ई ऐसे लोग थे जो अभिनंदन के पकड़े जाने पर बहुत खुश थे।

अभिनंदन का प्रयोग किसी भी तरह की डील के लिए ना हो

पाक को अमेरिका ने साफ बता दिया था कि विंग कमांडर अभिनंदन को किसी भी तरह की सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाए। वहीं भारत ने भी पाक को साफ बोल दिया था कि अभिनंदन की रिहाई पर हम उनके साथ काई सौदेबाजी नहीं करेंगे। इतना ही नहीं भारत ने अपनी सारी सेनाओं को आगे भी बढ़ा दिया था।

इसके अलावा भारत ने अमेरिका को कहा था कि विंग कमांडर अभिनंदन के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए। इसी बीच पाक पीएम इमरान खान ने अभिनंदन को देश भेजने का ऐलान कर दिया था और अमेरिका की बात मान कर इशारा दे दिया था।

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