हाल ही में एक वीडियो में कथित रूप से राज्य द्वारा संचालित नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल की दो नर्सों को मंगलवार के दिन पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। नर्सेस और नर्सिंग छात्रों के एक छात्रवास के सामने से प्लास्टिक के थैलों में 16 पिल्लों के अवशेष पाए जाने के मामले में पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया है। दो पिल्लों को मारने का एक वीडियो वायरल होने के बाद इन दोनों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों छात्रों ने इस मामले को लेकर हमी भर ली है।

प्लास्टिक के थैलों में मिले पिल्लों के शव

सोमवार को दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ छात्रों और सुरक्षा गार्डों से घंटो पूछताछ की थी। एंटली पुलिस थाने के प्रभारी सुप्रियो पाल ने बताया है कि दो नर्सिंग छात्रों ने इस अपराध में अपनी संलिपत्ता स्वीकारी है और उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

सोमवार के दिन नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज में नर्सेस के छात्रवास में प्लास्टिक के थैलों में 16 पिल्लों के अवशेष मिले हैं। पुलिस ने बताया कि पहले पिल्लों और उनकी माओं को लालच देकर नर्सिंग छात्रवास के पीछे आंगन में लाए।  वहां पर सभी आने-जाने के रास्तों को बंद कर दिया और फिर उन्हें पीट-पीट कर मार डाला। यह काम केवल दो नर्सों का नहीं हो सकता है इसलिए पुलिस अभी और पूछताछ में लगी हुई है।

नर्सों ने बताया हैरान कर देने वाली वजह

पुलिस ने बताया कि जब नर्सों से पिल्लों के मारने की वजह पूछी तो एक नर्स ने कहा कि हम लोग हॉस्टल से आते-जाते थे तो पिल्ले हमारे पैर से चिपक जाते थे और हमें चलने नहीं देते थे। तो वहीं दूसरी ने कहा कि हम जो कपड़े धो कर सूखाते हैं उन्हें पिल्ले खींचकर ले जाते हैं और ठंड की वजह से अपने नीचे बिछाकर सोते हैं।

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