हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे है पर जब अंधविश्वासों की बात आती है तो आपको पुराने समय से ज्यादा कुछ बदला हुआ नजर नहीं आएगा। जैसे कई चीजों को बेहद शुभ माना जाता है तो कई चीजों को अशुभ भी मानते है। कुछ तो अन्धविश्वास ऐसे है जिन्हे पूरी दुनिया में माना जाता है जैसे 13 नंबर।

13 नंबर

सिर्फ हमारे देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी इस नंबर को मनहूस माना जाता है। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि इस अंक को इस्तेमाल करना तो दूर बल्कि लोग इसे बोलने से भी कतराते हैं।

13 नंबर

क्यों माना जाता है अशुभ

13 नंबर

13 नंबर को अशुभ मानने की सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रभु यीशु को रात्रि भोज के दौरान धोखा देने वाले व्यक्ति 13 नंबर सीट पर बैठा था। इसके बाद से ही 13 अंक को धोखेबाजी और दुर्भाग्य का अंक माना जाने लगा। मनोविज्ञान में भी 13 अंक को एक डर बताया गया है, जिसे ट्रिस्काइडेकाफोबिया या थर्टीन डिजीट फोबिया भी कहते हैं।

13 को कहें ना

13 नंबर

विदेशों में और भारत में कई जगह 13 को लोग अशुभ मानते हैं। यहां तक की लोग अपने घर या फ्लैट का नंबर भी 13 नहीं लगवाते। अगर आप गौर करेंगे तो रिहायशी इमारतों में आपको 13 वीं मंजिल ही नहीं होती। 12 मंजिल के बाद मंजिल को 14 फ्लोर का नंबर दिया जाता है।

13 नंबर

कई लोग तो ऐसे हैं जो 13 तारीख को मिलने वाली अच्छी से अच्छी डील या प्रॉपर्टी को भी छोड़ देते हैं। इस अंक की मनहूसियत को दिखाने के लिए हॉलीवुड और बॉलीवुड में फिल्में तक बन चुकी हैं।

13 नंबर

यदि बात करें न्यूमरोलॉजी की तो उसके हिसाब से भी 13 नंबर को अच्छा नहीं माना जाता है।अब न्यूमरोलॉजी में कितनी सच्चाई है यह तो पता नहीं, लेकिन आज भी लोग इस नंबर को अच्छी नजर से नहीं देखते और इसे अशुभ मानते हैं।

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