भारत में ज्यादातर सीलिंग पंखे तीन ब्लेड वाले होते हैं। जबकि अमेरिका में ऐसा नहीं है क्योंकि अमेरिका में तीन ब्लेड वाले नहीं बल्कि चार या फिर पांच ब्लेड वाले पंखे इस्तेमाल किए जाते हैं। अमेरिका के पंखे कोई अलग डिजाइन या फिर अगल दिखने के लिए नहीं होते हैं बल्कि इसके पीछे बड़ी वजह है।

अमेरिका या उससे ठंडे देशों में लोग पंखा,एसी के पूरक के तौर पर उपयोग किए जाते हैं। ऐसे में इनका मकसद कमरे में हवा देना होता है न कि लोगों व कमरे को ठंडक प्रदान करना होता है। बता दें कि तीन ब्लेड वालों पंखो के मुकाबले चार ब्लेड वाले पंखे धीरे चलते हैं और ज्यादा हवा फेंकते हैं।

भारत में हर घर में पंखा जरूर होता है क्योंकि गर्मीयों के दिनों में एक मात्र पंखा ही ऐसी चीज है जिससे कि चिलचिलाती गर्मी में हमें राहत मिल पाती है। तीन ब्लेड वाला पंखा हल्का होने के साथ-साथ तीव्र गति से चलता है और एसी की तुलना में भी काफी बिजली बचाता है।

यदि पंखा हल्का हो या फिर उसके ब्लेड्स कम हो तो पंखा काफी तेजा हवा फेंकता है। यही करण है कि अपने हमेशा तीन से अधिक ब्लेड वाला पंखा न देखा हो या फिर ना ही इस्तेमाल किया हो।

बता दें कि तीन ब्लेड्स वाले पंखे से बिजली बिल में भी रियात होती है। यदि कमरा ज्यादा बड़ा नहीं है तो चारों कोनों तक हवा पहुंचाते हैं। तीन ब्लेड होने की वजह से पंखे के ब्लेड का संतुलन भी ठीक रहता है। और तीन ब्लेड वाले पंखो की एक खसियत यह भी है कि ये चार ब्लेड वालें पंखो के मुकाबले सस्ता मिलता है।

पंखा लेते समय ये बात रखें ध्यान में…

पंखा खरीदते समय उसके ब्लेड के एंगल जरूर चेक करें। कोशिश करें कि ब्लेड का एंगल 12 डिग्री से कम न हो। यदि ये कम होगा तो इससे बिजली की खपत ज्यादा होगी। पंखा बस देखने में अच्छा लगेगा,लेकिन वह कमरे में हवा सही नहीं फेकेगा।