आजकल हमारा देश काफी विकसित देश कहा जाता है. जिसमे कई उद्योगी इंडस्ट्रीज है और बढ़ता उद्योग ही हमारे देश को अच्छी तरकी प्रदान करता है। उद्योग बढ़ेगा तो लोगों को रोज़गार मिलेगा, मगर बढ़ता उद्योगों से हमारा भारत प्रदुषण का केंद्र बन गया है।

फैक्ट्रीयों से निकलता रासायनिक तरल प्रदार्थ, गाड़ियों का धुआं और भी कई ऐसे ही चीजों से हमारा भारत प्रदुषण का केंद्र बन गया है. इसी प्रदूषण से कई बीमारियाँ होने का खतरा रहता है।

प्रदुषण से कई जानलेवा बीमारियाँ होती है जैसे साँस लेने में परेशानी होना, नाक का बहना आदि।

प्रदुषण हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या और बहुत आम चीज़ है मगर आप जानते है प्रदुषण व घर में गन्दगी की वजह से कई कीड़े पनाप जाते है और घर में गन्दगी से सबसे जल्दी कॉकरोच हो जाना आम होता है और हम लोग

अक्सर इसको ख़त्म करने के लिए कई मार्किट प्रोडक्ट यूज़ करते हैं लेकिन आपने कभी ध्यान नही दिया होगा कि कॉकरोचों से कई बीमारियाँ होती है।

कॉकरोच से भी साँस की जानलेवा बिमारी होने का खतरा होता है. साँस जिसे अस्थमा भी कहा जाता है. देखा गया है कि धूल से रेस्पिरेटरी एलर्जी होना आसान है और इस एलर्जी का शिकार स्त्रियों से ज्यादा पुरुष होते हैं।

देशभर की अलग-अलग इलाकों में 60 से 80 % लोगों को कॉकरोच की एलर्जी से बीमारियाँ होती है. सिर्फ कॉकरोच ही नहीं छिपे कण को भी एलर्जिक अस्थमा होने का बड़ा कारण बताया गया है।

हाल ही की  एक रिपोर्ट में एलेर्जिक रिएक्शन की वजह से बच्चों में 90 % और व्यस्को में 50 % तक अस्थमा होने का कारण होता हैं।

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