BREAKING NEWS

दिल्ली पहुंचे गहलोत ने सोनिया के नेतृत्व को सराहा व संकट सुलझने की जताई उम्मीद ◾प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सुनील छेत्री की सराहना◾टाट्रा ट्रक भ्रष्टाचार मामले में पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी से की गई जिरह◾PFI से पहले RSS पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए था - लालू◾IND vs SA (T20 Match) : भारत ने पहले टी20 मैच में दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट से हराया◾Ukraine crisis : यूक्रेन संकट का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए ‘घोर चिंता’ का विषय - भारत◾Uttar Pradesh: फरार नेता हाजी इकबाल की अवैध खनन से अर्जित करोड़ों की सम्पत्ति कुर्क◾कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : प्रियंका संभाले पार्टी की कमान, सांसद खालिक ने दिया बेतुका तर्क ◾सीडीएस नियुक्ति :चौहान ने सर्जिकल स्ट्राइक में निभाई थी अहम भूमिका, रिटायर होने के बाद भी केंद्र ने सौंपी जिम्मेदारी ◾महंगाई की जड़ 'मोदी'! कांग्रेस का BJP पर कटाक्ष- केंद्र की दमन नीतियों के कारण गरीब का हो रहा शोषण ◾रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान होंगे देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ◾पाकिस्तान में चीनी नागरिक की हत्या, डेंटल क्लीनिक में मरीज बनकर दाखिल हुआ था हमलावर ◾केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संगठन पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय को स्वीकार करते है: PFI ◾पीएम मोदी ने कहा- 80 करोड़ लोगों को गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार से मिलेगा फायदा◾गुजरात विधानसभा चुनाव : हीरा कारोबारी ने जॉइन की बीजेपी, पूर्व में कर्मचारियों को 'आप' से दूर रहने के लिए कहा था ◾Gold today Price: खुशखबरी-खुशखबरी! त्यौहारों से पहले सस्ता हुआ सोना, फटाफट इतने में खरीदे 10gm Gold ◾कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में दिग्विजय सिंह की एंट्री, मुकाबला कड़ा होने की आशंका ◾गुलाम अली, बिप्लब देब ने राज्यसभा की सदस्यता की शपथ ली◾Malali Masjid dispute: मस्जिद VS मंदिर! मलाली मस्जिद पर अदालत 17 oct को सुनाएगी फैसला, जानें मामला ◾श्रीलंका से भारत तक खूनी कृत्यों में लिप्त हैं पीएफआई, जघन्य आतंकी घटनाओं में रहा हैं शामिल ◾

बन जाएंगे पाप के भागीदार अगर देवउठनी एकादशी के दिन किये ये काम

14 नवंबर 2021 को कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसे देवउठनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी तथा प्रबोधनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह की निद्रा से जागते हैं। इसी दिन से चातुर्मास समाप्त होता है। पाताल लोक में निद्रालीन रहे भगवान विष्णु चार माह बाद जागते हैं और एक बार फिर से सृष्टि का कार्यभार संभाल लेते हैं। इसी दिन से शालीग्राम और तुलसी का विवाह शुरू होता है, इसी के साथ विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।

इस दिन कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है। मान्यता है कि ऐसा न करने पर व्यक्ति को पाप का भागी बनना पड़ता है और मृत्यु के बाद यमराज का प्रकोप सहना पड़ता है।

1. देवउठनी एकादशी के दिन नारायण के साथ तुलसी पूजन भी किया जाता है। तुलसी का विवाह शालीग्राम के साथ कराया जाता है। ऐसे में भूलकर भी तुलसी का पत्ता तोड़ने की गलती न करें।

2. देवोत्थान एकादशी के दिन सात्विक जीवन जीना चाहिए। अगर आप व्रत नहीं रख रहे हैं, तो भी इस दिन साधारण भोजन करें। प्याज, लहसुन, अंडा, मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों का सेवन न करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें।

3. शास्त्रों में किसी भी एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही है। देवउठनी एकादशी को सबसे बड़ी एकादशी माना जाता है। इस​ दिन भूलकर भी ऐसी गलती न करें।

4. मान्यता है कि नारायण की विशेष पूजा के दिन घर का माहौल खराब करने से माता लक्ष्मी को क्रोध आता है औ वे रुष्ट हो सकती हैं।इसलिए अपने घर में शांति पूर्ण माहौल बनाकर रखें। 

5. इस दिन ज्यादा से ज्यादा नारायण के मंत्रों का जाप करें। गीता का पाठ करें, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। भगवान के भजन, सत्यनारायण की कथा आदि करना चाहिए। एकादशी का दिन बहुत खास दिन होता है कोशिश करें की इस दिन दोपहर में सोने से बचें।