रणजी ट्रॉफी: भारतीय बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर ने गुरुवार को मुंबई के बीकेसी ग्राउंड में ओडिशा के खिलाफ अपने लगातार दूसरे शतक को फर्स्ट क्लास दोहरे शतक में बदल दिया है | काफी समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे श्रेयस अब काफी अच्छे फॉर्म में आ चुके है और दूसरे राउंड में महाराष्ट्र के खिलाफ भी उन्होंने पिछले मैच में शतक जड़ा था | श्रेयस ने लगभग तीन साल और 38 इनिंग के बाद फर्स्ट प्रथम श्रेणी में शतक लगाया | श्रेयस का आखिरी शतक 2021 में कानपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके टेस्ट डेब्यू पर पर आया था |
अय्यर ने पहले दिन महज़ 101 गेंदों में शतक लगाया और स्टंप्स तक कुल 18 चौके और चार छक्के लगाकर 152 रन पर खेल रहे थे | 29 वर्षीय खिलाड़ी ने तेज़ी से रन बनाए और उनके जोड़ीदार सिद्धेश लाड ने उनके साथ अच्छी साझेदारी बनाई | सिद्धेश ने कोई भी जोखिम नहीं लिया| उन्होंने 234 गेंदों पर नाबाद 116 रन बनाये और ये सुनिश्चित किया की मुंबई नियंत्रण में रहे |
अय्यर ने 22 चौकों और आठ छक्कों के साथ केवल 201 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर लिया | 2017-18 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 202 रन बनाने के बाद ये श्रेयस का पहला फर्स्ट क्लास दोहरा शतक था |
श्रेयस अय्यर ने रणजी ट्रॉफी में अपना पिछले दोहरा शतक अक्टूबर 2015 में दूसरे सीजन में लगाया था | उनके इस दोहरे शतक ने भारतीय टीम में उनकी वापसी की उम्मीदें जगा दी है | इस साल की शुरआत में जब भारत ने इंग्लैंड का दौरा किया था, तब वो टीम का हिस्सा थे, लेकिन सर्जरी के बाद से ही उन्हें पीठ की समस्याओं की वजह से आराम करना पड़ा | पिछले महीने एक इंटरव्यू में अय्यर ने ये भी कहा था की वो वापसी के लिए काफी उत्सुक है पर नियंत्रणीय चीजों को नियंत्रित करने की कोशिश करेंगे |