सेंचुरियन : सीरिज में 5-1 से हराने के इरादे से उतरेगा भारत


सेंचुरियन : मेजबान दक्षिण अफ्रीका की धरती पर पहली बार कोई द्विपक्षीय सीरीज जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम शुक्रवार को यहां होने वाले छठे और आखिरी एकदिवसीय मैच को जीतकर सीरीज का समापन 5-1 से करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम ने मंगलवार को पोर्ट एलिजाबेथ में खेले गए पांचवें वनडे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 73 रनों से हराकर सीरीज में 4-1 की अपराजेय बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय टीम ने 25 वर्षों में पहली बार दक्षिण अफ्रीका की धरती पर कोई सीरीज जीती है। सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम ने आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर अपनी बादशाहत मजबूत कर ली है और वह छठे मैच में कोई भी परिणाम आने पर भी नंबर वन बनी रहेगी। भारतीय टीम जब वनडे सीरीज में खेलने उतरी थी तो उस समय वह 119 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर थी। लगातार दो मैच जीतते ही टीम इंडिया पहले नंबर पर पहुंच गई थी। लेकिन अब सीरीज में 4-1 की अपराजेय बढ़त बनाने के साथ ही भारतीय टीम के 122 अंक हो गए हैं और वह सीरीज समाप्त होने के बाद भी नंबर वन स्थान पर कायम रहेगी। चाहे आखिरी मैच में कोई भी परिणाम निकले।

भारतीय टीम लगातार सर्वाधिक द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने के मामले में अब दुनिया में वेस्टइंडीज के बाद दूसरे नंबर पर आ गई हैं। भारत ने 2016 से लेकर अब तक लगातार नौ वनडे सीरीज अपने नाम की है जबकि वेस्टइंडीज ने 1980-1988 के दौरान लगातार 14 सीरीज अपने नाम किये थे। दक्षिण अफ्रीका में पहली बार कोई सीरीज जीतने के लिए भारतीय खिला‌ड़‌ियों ने अब तक जबर्दस्त प्रदर्शन किया है। लेकिन भारतीय टीम आखिरी वनडे मैच में बेंच स्ट्रेंथ को आजमा सकती है जिसका संकेत कप्तान विराट कोहली ने पांचवें वनडे के बाद ही दे दिया था। विराट के पास यह मौका होगा कि वह बिना किसी दबाव के अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमा सकते हैं। हालांकि उन्हें यह भी देखना होगा कि सीरीज का समापन 5-1 से करने के लिए वह अपने दो प्रमुख कलाई के स्पिनरों युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव में से किसी बाहर बिठाते हैं। लेग स्पिनर चहल और चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप ने सीरीत्र के पांच मैचों में अब तक 30 विकेट झटक लिए हैं जो एक द्विपक्षीय सीरीज में भारतीय स्पिनरों द्वारा सर्वाधिक हैं। दोनों स्पिनरों ने एक सीरीज में भारतीय स्पिनरों द्वारा सर्वाधिक विकेट लेने का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ है।इससे पहले यह रिकॉर्ड 2005-06 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में था जब भारतीय स्पिनरों ने 27 विकेट लिए थे। कुलदीप अब तक 11.56 के औसत से 16 विकेट ले चुके हैं जबकि चहल ने 16.00 के औसत से 14 विकेट लिए हैं। कुलदीप के 16 विकेट दक्षिण अफ्रीका में किसी सीरीज में एक स्पिनर द्वारा सर्वाधिक विकेट है।

जहां एक तरफ स्पिनरों नें भारत को इतिहास रचने में अपना असाधारण योगदान दिया है तो वहीं भारतीय बल्लेबाजों के प्रदर्शन को भी कम कर के नहीं आंका जा सकता है, खासकर विराट कोहली का। विराट सीरीज के पिछले पांच मैचों में 143 के औसत से अब तक 429 रन बना चुके हैं।

शिखर धवन भी एक शतक और दो अर्धशतक जड़ चुके हैं। पिछले चार मैचों में असफल रहने के बाद रोहित शर्मा ने पांचवें मैच में शतक ठोककर दिखा दिया कि तीन कम स्कोर का मतलब खराब फार्म नहीं होता। आखिरी मैच में मध्यक्रम (अजिंक्या रहाणे, श्रेयय अय्यर, हार्दिक पांड्या और विकेटकीपर महेंद, सिंह धोनी) के पास बल्ले से टीम में अपनी उपयोगिता साबित करने का मौका होगा।

भारत इससे पहले दूसरा वनडे यहां खेल चुका है जब उसने दक्षिण अफ्रीकी टीम को 118 रन पर ही ढेर कर दिया था और नौ विकेट से मैच जीत लिया था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका चाहेगा कि वह उस दिन को भुलाकर आखिरी मैच में एक नई शुरूआत करे और जीत के साथ सीरीज का समापन करे। दक्षिण अफ्रीका अगर जीत के साथ सीरीज का समापन करता है तो वह तीन मैचों की ट््वंटी-20 सीरीज में ऊंचे मनोबल के साथ उतरेगा।

 

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