सेंचुरियन: भारतीय क्रिकेट टीम भले ही एक हार से खुद को मुकाबले से बाहर न मान रही हो लेकिन उसके लिये सेंचुरियन के गढ़ में घरेलू दक्षिण अफ्रीकी टीम को दूसरे क्रिकेट टेस्ट में हराकर सीरीज बचाना बड़ी चुनौती साबित होने वाली है। भारत और दक्षिण अफ्रीका शनिवार से सेंचुरियन के मैदान पर दूसरे क्रिकेट टेस्ट के लिये उतरेंगे जहां मेहमान टीम के लिये यह करो या मरो का मैच होगा तो मेजबान टीम के लिये 2-0 से सीरीज पर अपराजेय बढ़त बनाने का मौका जिसने पहले केपटाउन टेस्ट में चार दिन के भीतर 72 रन से जीत अपने नाम कर बढ़त बना ली थी।

स्टार खिलाड़ी विराट कोहली के नेतृत्व में टीम को वापसी के लिये आक्रामकता के साथ गलतियों में भी व्यापक सुधार करना होगा। केपटाउन की उछाल भरी तेज पिचों पर जहां भारतीय बल्लेबाजों ने पहले मैच में काफी संघर्ष किया था वहीं फिर से उसके सामने इसी तरह की पिच चुनौती साबित होने वाली है। भारतीय बल्लेबाजों पर खुद को साबित करने के साथ मैच बचाने की ज्यादा जिम्मेदारी होगी।

बल्लेेबाजी क्रम में दिख सकता है बदलाव

सेंचुरियन की पिच पर दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजी हमले, उछाल भरी पिच पर एक बार फिर उसी स्थिति से निपटने के लिये बल्लेबाजों को कमर कसनी होगी। टीम की हार के साथ अब कप्तान विराट के बल्लेबाजी क्रम चयन पर भी सवाल उठ रहे हैं ऐसे में दूसरे मैच में क्रम में कुछ बदलाव संभव है। वैसे नेट अभ्यास में केपटाउन में बेंच पर बैठे लोकेश राहुल, अजिंक्या रहाणे, पार्थिव पटेल और इशांत शर्मा के जोर शोर से हिस्सा लेने पर साफ है कि सेंचुरियन में उनके लिये एकादश का रास्ता खुल सकता है।

विराट ने पहले मैच में पांड्या की जमकर तारीफ की थी और कप्तान के वह पसंदीदा भी माने जाते हैं इसलिये उनका एकादश में निचले क्रम में स्थान फिलहाल सुनिश्चित ही लग रहा है वहीं आठवें नंबर पर रविचंद्रन अश्विन अच्छे स्कोरर साबित होते रहे हैं और उन्हें भी बाहर बैठाना आसान नहीं होगा।

विराट कोहली होंगे अफ्रीका के निशाने पर

कप्तान विराट इस बार भी विपक्षी टीम के लिये उनकी रणनीति के केंद्र में रह सकते हैं लेकिन बाकी बल्लेबाजों को भी अपना खेल बेहतर करना होगा। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि भारतीय टीम में विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं और उसने कई मौकों पर इस तरह की परिस्थितियों में खुद को साबित किया है लेकिन पिछले मैच में बल्लेबाजों के प्रदर्शन को देखें तो फिलहाल उसकी यही ताकत कमजोरी दिखाई दे रही है। टीम के स्टार बल्लेबाज विराट दोनों पारियों में 05 और 28 रन पर आउट हुये तो बाकी बल्लेबाज भी निराश कर गये।

पहली पारी में ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की 93 रन की पारी को छोड़ दें तो अन्य कोई बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका। टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज और ओपनर मुरली विजय 01 और 13 रन पर जबकि पुजारा 26 और 04 रन पर आउट हुये तो मध्यक्रम में रोहित शर्मा भी अपनी बेहतरीन लय नहीं दिखा सके और 11 और 10 रन बनाकर सस्ते में आउट हुये। वहीं विपक्षी टीम के पास ए बी डीविलियर्स जैसा अनुभवी बल्लेबाज है तो एडेन मारक्रम, फाफ डू प्लेसिस, डीन एल्गर और हाशिम अमला जैसे अच्छे बल्लेबाज भी हैं।

गेंदबाजों के प्रदर्शन से सुकून महसूस कर रहा है प्रबंधन

बल्लेबाजी जहां टीम के लिये चिंता की बात है वहीं उसके तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन सुकून देने वाला और संतोषजनक रहा है जहां भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी की तिकड़ी ने कमाल की गेंदबाजी की और दक्षिण अफ्रीका को पहली पारी में 286 रन और दूसरी पारी में 130 रन के मामूली स्कोर पर ढेर किया। वहीं पांड्या के रूप में भी टीम के पास एक और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर मौजूद है। दूसरी ओर भारत को इस बात से राहत है कि दक्षिण अफ्रीका के अनुभवी गेंदबाज डेल स्टेन चोट के बाद पूरी टेस्ट सीरीज से ही बाहर हैं।

उनकी जगह डुआने ओलिवियर, लुगी एनगिदी और क्रिस मौरिस में से कोई स्टेन के लिये विकल्प होगा। मौरिस अफ्रीकी टीम के लिये गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी विकल्प भी हो सकते हैं।केपटाउन में वेर्नोन फिलेंडर ने 208 के आसान लक्ष्य का सामना कर रही भारतीय टीम को दूसरी पारी में छह विकेट लेकर 135 पर ढेर दिया। फिलेंडर के अलावा मोर्न मोर्कल और कैगिसो रबादा के निशाने पर फिर से भारतीय बल्लेबाज रहेंगे। मोर्कल इस मैदान पर काफी सफल रहे हैं।

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