मध्य प्रदेश को नाकआउट करने उतरेगी दिल्ली


Ranji Trophy

विजयवाड़ा : रणजी ट्राफी 2017-18 सत्र अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर पहुंच गया है जहां गुरूवार से नॉकआउट जंग शुरूआत हो जाएगी। अपने ग्रुप ए में अपराजेय रही दिल्ली की टीम अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश को नाकआउट करने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में गुजरात और बंगाल की टीम जयपुर में, दिल्ली और मध्यप्रदेश की टीम विजयवाड़ा में, केरल और विदर्भ सूरत में तथा कर्नाटक और मुंबई नागपुर में सेमीफाइनल का टिकट कटाने उतरेंगी। दिल्ली ने 2007-08 में पहली बार रणजी खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद से टीम पिछले 10 संस्करणों में केवल दो बार ही नाकआउट में पहुंच पाई है।

दिल्ली और मध्य प्रदेश की टीमें रणजी में अब तक केवल तीन बार आमने-सामने हुई जिसमें मध्य प्रदेश ने एक बार जीत दर्ज की है और दो बार मैच ड्रा रहे हैं। दिल्ली को उसके बल्लेबाज नीतीश राणा से काफी उम्मीदें होंगी जो टूर्नामेंट में अब तक पांच मैचों में 466 रन बना चुके हैं। वहीं गेंदबाजी विकास मिश्रा को मध्य प्रदेश के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करना होगा जो चार मैचों में 24 विकेट ले चुके हैं। वहीं मध्य प्रदेश की टीम लीग चरण में ग्रुप सी में टॉप पर रही थी। हरप्रीत सिंह छह मैचों में 444 रन बनाकर टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे हैं जबकि गेंदबाजी में मिहीर हिरवानी छह मैचो में 25 विकेट लेकर टीम के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बने हुए हैं। मध्य प्रदेश ने अब तक एक बार भी रणजी ट्राफी का खिताब नहीं जीता है। लेकिन इस बार शानदार प्रदर्शन की बदौलत उनके पास इतिहास रचने का मौका रहेगा। गत चैंपियन गुजरात और बंगाल के बीच मैच जयपुर में खेला जाएगा। गुजरात की टीम ने ग्रुप बी में छह मैचों में पांच में जीत दर्ज की थी और 34 अंकों के साथ टीम अपने ग्रुप में शीर्ष पर रही है। गुजरात के लिए प्रियांक पांचाल छह मैचों में 538 रन बना चुके हैं जबकि गेंदबाजी में लेग स्पिनर पियुष चावला पांच मैचों में 31 विकेट ले चुके हैं। बंगाल की टीम पिछले पांच सत्रों में तीसरी बार क्वार्टरफाइनल में पहुंची है। दो बार की चैंपियन बंगाल अपने कप्तान मनोज तिवारी के नेतृत्व में तीसरी बार खिताब जीतना चाहेगी।

बंगाल ने आखिरी बार 1989-90 में खिताब अपने नाम किया था। तीसरे क्वार्टर फाइनल में रणजी ट्राफी के इतिहास में पहली बार नाकआउट में पहुंची केरल का मुकाबला विदर्भ से सूरत में होगा। केरल की टीम पिछले संस्करण में ग्रुप सी में केवल एक ही मैच जीत पाई थी। लेकीन टीम ने इस बार धमाकेदार प्रदर्शन किया है और छह में से पांच मैच जीते हैं। केरल और विदर्भ अब तक पांच बार आमने-सामने हो चुके हैं जिसमें दो बार केरल ने जीत दर्ज की है जबकि तीन मैच ड्रा रहे हैं। केरल के सर्वोच्च स्कोरर संजू सैमसन छह मैचों में 577 रन बना चुके हैं। वहीं जलज सक्सेना छह मैचों में 38 विकेट हासिल कर चुके हैं। विदर्भ की टीम छह मैचों में चार मैच जीतकर अपने ग्रुप डी में शीर्ष पर रही है। विदर्भ की टीम पिछले चार सत्रों में दूसरी बार क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करना चाहेगी। कप्तान फैज फजल छह मैचों में 710 रन बनाकर टीम का शानदार नेतृत्व कर रहे हैं। गेंदबाजी में अक्षय वखारे पांच मैचों में 27 विकेट लेकर विदर्भ की उम्मीदों को बनाए रखा है। रणजी इतिहास की दो सबसे सफल टीमें मुंबई और कर्नाटक चौथे क्वार्टर में नागपुर में आमने-सामने होंगी। मुंबई अब तक 41 बार और कर्नाटक आठ बार रणजी खिताब अपने नाम कर चुकी है। दोनों टीमें अब तक 24 बार एक दूसरे के खिलाफ भिड़ चुकी है जिसमें मुंबई ने 10 बार और कर्नाटक में दो बार ही जीत दर्ज की है जबकि दो मैच ड्रा रहे हैं।

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