अभी भी क्रिकेट प्रेमियो के मन में यही सवाल बसा हुआ है कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में हार्दिक पांड्या का जो रन आउट हुआ था वो आज भी तजा है। भारत को फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के हाथों 180 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तान द्वारा रखे गए 339 रनों के लक्ष्य के दबाव में भारत का मजबूत बल्लेबाजी वहीं धरी की धरी रह गई और पूरी टीम 30.3 ओवरों में महज 158 रनों पर सिमट गई।  और 43 गेंदों में चार चौके और छह छक्के की मदद से तूफानी 76 रन बनाने वाले हार्दिक पांड्या ने भारत की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाए।

भारत की ओर से सिर्फ हार्दिक पांड्या ने अच्‍छे हाथ दिखाए, उन्‍होंने अपनी बल्‍लेबाजी से भारतीय क्रिकेट फैंस में किसी चमत्‍कार की उम्‍मीद जगा दी थी। मगर क्रीज पर उनके साथ मौजूद रवींद्र जडेजा की गलती के चलते वह रन-आउट हो गए। आज भी लोगों के जहन में यह बात चुबती है कि रविंद्र जडेजा की वजह से हार्दिक रन आउट हुए।

आपको बता दें कि जडेजा का सबर का बान टुटा और उन्होंने अपनी बात को सामने रखा । जडेजा का मानना है कि ये सारी चीजें क्रिकेट के खेल का हिस्सा होती है।

कि ये सारी चीजें क्रिकेट के खेल का हिस्सा होती हैं। जडेजा ने कहा, ”क्रिकेट को नजदीक से जानने वाले ये बात अच्छे से जानते हैं कि ये सब क्रिकेट का हिस्सा है। कोई भी खिलाड़ी किसी को जानबूझकर रन आउट नहीं कराता। हर कोई अपने देश के लिए खेलना चाहता है, हर किसी के सपने होते हैं।

जडेजा ने आगे कहा, ”क्रिकेट के खेल में 100 बार रन आउट होते हैं। मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता। आलोचक तो कुछ भी कहते रहते हैं। आलोचकों के सुर हर सीरीज के बाद बदलते रहते हैं। मैं उनके लिए नहीं खेलता। ” आपको बता दें कि कुछ दिन पहले हार्दिक पांड्या ने भी इस मामले में पहली बार बयान दिया था और कहा था, ”रन आउट के दर्द से उबरने में मुझे लगभग 3 मिनट लगे थे।

मुझे जल्दी गुस्सा आ जाता है और चला भी जाता है। रन आउट होने के कुछ पलों के बाद मैं ड्रेसिंग रूम में हंसी-मजाक कर रहा था। मुझे देखकर दूसरे खिलाड़ी भी जमकर हंस रहे थे। ”।

पांड्य के रनआउट होते ही सोशल मीडिया पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों का गुस्सा रवींद्र जडेजा के उपर सर चढ कर बोल रहा था। पांड्य ने उस मैच में 73 रन बनाए थे और वह अच्छा खेल रहे थे लेकिन वह रन आउट हो गए। जब पंड्या रन आउट हुए थे तो वह बहुत गुस्सा थे और उन्होंने अपना बैट भी पिच पर पटक दिया था।