जानिए कौन है सचिन के बचपन का खास दोस्त, जिनके साथ वायरल हो रही है उनकी खास तस्वीरें


नई दिल्ली: विनोद कांबली को सचिन तेंदुलकर के बेहद खास दोस्तों में शुमार किया जाता है। दोनों ने ही साथ में क्रिकेट सीखना शुरू किया और आगे चलकर साथ में भारत के लिए क्रिकेट भी खेला। ये और बात है कि तेंदुलकर आगे निकल गए और कांबली बहुत पीछे छूट गए। दोनों के बीच बचपन की दोस्ती से लेकर क्रिकेटीय साझेदारियों की भी मीडिया में काफी चर्चा होती रही है, लेकिन मास्टर-ब्लास्टर के बचपन के दोस्तों में कांबली के अलावा भी कई क्रिकेटर शामिल हैं।

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जहां कांबली से सचिन के रिश्ते कुछ कमजोर होने की मीडिया में कई बार चर्चा रही है, वहीं सचिन का एक दोस्त ऐसा भी है, जो अब भी पहले की तरह ही उनका पक्का यार है। खुद सचिन ने इस क्रिकेटर से जुड़ी अपनी बचपन की याद को फोटो के माध्यम से साझा किया है। सचिन ने यह भी बताया है कि उनके अब तक के सफर में यह दोस्त बराबर का साथी रहा है। आइए जानते हैं कि सचिन का यह जिगरी यार कौन है…

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वैसे सचिन तेंदुलकर अपने दोस्तों को कभी नहीं भूलते। सचिन को जब मौका मिला उन्होंने विनोज कांबली को भी टीम में लाने की कोशिश की थी। यह बात अलग है कि कांबली उन मौकों को भुना नहीं पाए और टीम से बाहर हो गए। हालांकि फिलहाल हम बात सचिन तेंदुलकर के

एक अन्य दोस्त की करते हैं, जिसका जिक्र सचिन ने रविवार को इंस्टाग्राम पर अपनी बचपन की एक तस्वीर शेयर करके किया है। सचिन के इस दोस्त का ना है अतुल राणाडे! राणाडे क्रिकेटर रहे हैं और सचिन के साथ इस फोटो में वह क्रिकेट की ड्रेस में ही नजर आ रहे हैं. हालांकि राणाडे का क्रिकेट करियर बहुत लंबा नहीं रहा और वह सचिन की तरह नाम नहीं कमा पाए, लेकिन सचिन के दिल में उनका स्थान अब भी है और रहेगा।

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सचिन तेंदुलकर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है, ‘हम तब भी हम दोस्त थे, आज भी दोस्त हैं। यह एक यात्रा की तरह रहा है, अतुल राणाडे…’

अतुल राणाडे का बचपन सचिन तेंदुलकर के साथ ही मुंबई की साहित्य सहवास कॉलोनी में बीता है। वैसे उम्र में सचिन से अतुल एक साल बड़े हैं। दोनों ने गुरु रमाकांत आचरेकर से क्रिकेट केगुर सीखे। हालांकि जहां सचिन तेंदुलकर ने जहां क्रिकेट का लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम किया, वहीं राणाडे का क्रिकेट करियर ऊंचाई तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने फर्स्ट क्लास के केवल 6 मैच ही खेले, जिसमें उनके बल्ले से 186 रन निकले। राणाडे का बेस्ट स्कोर 44 रन रहा। उन्होंने 6 मैचों में 8 विकेट भी लिए थे।. इसके बाद उनके करियर पर विराम लग गया, लेकिन सचिन से याराना जारी रहा, जो आज भी जारी है।

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खास बात यह रही कि सचिन तेंदुलकर ने असीम सफलता अर्जित करने के बावजूद राणाडे को नहीं भुलाया। राणाडे भी सचिन से जुड़े रहे। यहां तक कि जब सचिन टेनिस एल्‍बो की समस्‍या से जूझ रहे थे, तो अतुल जैसे कई दोस्तों ने उनका बराबर साथ दिया था और सचिन को प्रेरित करते रहे। बाद में सचिन ने वापसी की कई रिकॉर्ड बनाए।