दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल को लगता है कि भारत के खिलाफ पांच जनवरी से शुरू हो रही तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में उनके गेंदबाजों के लिये दिन का आखिरी सत्र सबसे अहम होगा। उन्होंने कहा, अंतिम सत्र में गेंद नरम होती है और परिस्थितियां कठिन होती है। टेस्ट क्रिकेट में ज्यादातर रन चाय के बाद के सत्र में बनते है। इसलिये हमारे लिये आखिरी सत्र काफी अहम होगा। हमें देखना होगा की आखिरी सत्र में हमारे अंदर भारतीय बल्लेबाजों को आउट करने की रूर्जा होती है या नहीं।

मोर्कल ने कल पांच साल में पहली बार टेस्ट मैच में पांच विकेट झटके। उन्होंने पोर्ट एलिजाबेथ में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह प्रदर्शन किया। मैच में सबसे सफल गेंदबाज होने के बाद भी मोर्केल भारत के खिलाफ मैच से बाहर बैठ सकते हैं, जब डेल स्टेन टीम में वापसी करेंगे। अगर दक्षिण अफ्रीका तीन तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ मैच में उतरता है तो मोर्कल को बाहर बैठना पड़ सकता है। कैगिसो रबादा और वेर्नोन फिलेंडर की जगह टीम में लगभग पक्की है। इससे चयनकर्ताओं को स्टेन की स्विंग और मोर्केल की उछाल में से किसी एक को चुनना होगा।

भारत के खिलाफ टीम संयोजन पर 80 टेस्ट मैच में 281 विकेट चटकाने वाले 33 साल के मोर्कल ने कहा, हमें अभी यह तय करना होगा। स्टेन नेट पर शानदार गेंदबाजी कर रहे है। वह फिट है और मुझे लगता है कि पोर्ट एलिजाबेथ की पिच पर वह प्रभावशाली होंगे। उनके पास अभी एक सप्ताह का और समय है। स्टेन ने नवंबर 2016 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है तो वहीं मोर्कल इस साल मार्च से एक मैच छोड़ कर सभी मैचों में टीम का हिस्सा रहे है। वह मांसपेशियों में खिचाव के कारण बंगलादेश के खिलाफ अक्तूबर में एक टेस्ट मैच में नहीं खेल पाये थे।

देश और दुनिया का हाल जानने के लिए जुड़े रहे पंजाब केसरी के साथ