स्वर्णिम अभियान जारी रखना चाहती है मनु भाकर

Summary :

Manu Bhaker से अब अपेक्षाएं बढ़ गयी हैं लेकिन यह 16 वर्षीय खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटी है।

नई दिल्ली : भारत की निशानेबाजी में नई सनसनी मनु भाकर से अब अपेक्षाएं बढ़ गयी हैं लेकिन यह 16 वर्षीय खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटी है। झज्जर की निशानेबाज भाकर ने कहा कि मैं इन प्रतियोगिताओं (एशियाई खेल और फिर विश्व चैंपियनशिप) में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं पदकों के बारे में नहीं केवल अगली प्रतियोगिताओं के बारे में सोच रही हूं। दबाव वहां होगा लेकिन वह हर जगह होता है।

भाकर 18 अगस्त से जकार्ता और पालेमबेंग में होने वाले एशियाई खेलों के लिये तीन स्पर्धाओं में उनके चयन पर उठे विवाद से भी प्रभावित नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली भाकर एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल और मिश्रित एयर पिस्टल में हिस्सा लेगी। वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दस स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं जो इस किशोरी के लिये बड़ी उपलब्धि है। एशियाई मिश्रित टीम स्पर्धा के लिये नजरअंदाज किये जाने पर अनुभवी हीना सिद्धू ने भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की आलोचना की और हरियाणा की निशानेबाज के संदर्भ में कहा कि महासंघ अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के लिये नियम बदल रहा है।

जिन पसंदीदा खिलाड़ियों की बात की जा रही है उनमें भाकर भी है लेकिन वह इससे बेफिक्र है। भाकर ने कहा कि मैं सिर्फ खेलने से मतलब रखती हूं, बस। अगर उन्होंने मुझे तीन स्पर्धाओं के लिये चुना है तो अच्छा है और अगर वे मुझे एक स्पर्धा के लिये चुनते तो तब भी मुझे अच्छा लगता और अगर वे मेरा चयन नहीं करते तो तब भी मैं बुरा नहीं मानती। उन्होंने कहा कि मैं चयन के बारे में नहीं सोचती।

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