नई दिल्ली : ऋषभ पंत की इंग्लैंड में विकेटकीपिंग अच्छी नहीं रही और पूर्व भारतीय विकेटकीपरों का मानना है कि उन्हें टेस्ट स्तर का भरोसेमंद विकेटकीपर बनने के लिये अभी काफी सुधार करने की जरूरत है। इस 20 वर्षीय विकेटकीपर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज की छह पारियों में 76 बाई रन दिये हालांकि इनमें से 20-25 रन उनकी गलती के कारण नहीं गये। पूर्व भारतीय विकेटकीपर नयन मोंगिया, किरण मोरे और दीप दासगुप्ता का मानना है कि पंत को अभी काफी सुधार करने की जरूरत है लेकिन इसके साथ ही उनका मानना है कि चयनकर्ताओं का युवा विकेटकीपरों को लेकर स्पष्ट नीति होनी चाहिए क्योंकि ऋद्धिमान साहा का अभी अगले तीन या चार महीने तक खेलना संभव नहीं है।

मोंगिया ने कहा कि वह (पंत) अभी नया है और मुझे लगता है कि आईपीएल फार्म के आधार पर खिलाड़ी का चयन करना गलत नीति है। विकेटकीपिंग के उनके बेसिक्स सही नहीं है। मेरी चिंता यह है कि अगर वह इंग्लैंड में स्पिनरों के सामने विकेटकीपिंग नहीं कर पा रहा है तो उसे उप महाद्वीप में चौथे या पांचवें दिन काफी समस्या होगी। मोंगिया से पूछा गया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी सीरीज में किसे विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए तो उन्होंने पार्थिव पटेल का नाम लिया। उन्होंने कहा कि पार्थिव दक्षिण अफ्रीका में दूसरा विकेटकीपर था। वह कैसे योजना से बाहर हो गया पता नहीं है। मुझे लगता है कि उन्हें पार्थिव को आजमाना चाहिए लेकिन यह चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है। मैं नहीं जानता कि एनसीए में युवा विकेटकीपरों के लिये लंबी अवधि के शिविर क्यों नहीं लगाये जाते हैं।

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मोंगिया जहां पार्थिव की वापसी चाहते हैं वहीं दीप दासगुप्ता का मानना है कि चयनकर्ता आगामी श्रृंखलाओं के लिये अनुभव को तरजीह दे सकते हैं। दासगुप्ता ने कहा कि ऋषभ पंत अभी युवा है और उसे अच्छी तरह से तैयार करने की जरूरत है। विकेटकीपिंग में उसे अभी काफी विभागों में सुधार करने की जरूरत है लेकिन मैं नहीं चाहता कि किसी खिलाड़ी को एक सीरीज के बाद बाहर किया जाए। दासगुप्ता से पूछा गया कि वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला के लिये वह किसे विकेटकीपर चुनना चाहेंगे उन्होंने इसे मुश्किल सवाल बताया। उन्होंने कहा कि पार्थिव ने हाल में दलीप ट्राफी मैच में 80 रन बनाये। पार्थिव या डीके (दिनेश कार्तिक) की क्या संभावनाएं हैं आप जानते हैं।

इसलिए अगर आप अगले छह मैचों (आस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट सहित) की बात कर रहे हैं तो फिर इन दोनों को मौका देने में मुझे कोई गुरेज नहीं। चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष किरण मोरे का मानना है कि पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ एक और मौका देना चाहिए। मोरे ने कहा कि मैं उसे एक और टेस्ट मैच में मौका देना चाहूंगा। उसने कोई कैच नहीं टपकाया हालांकि उसने काफी बाई रन दिये। वह प्रतिभाशाली है। उम्मीद है इससे उससे उसकी बल्लेबाजी प्रभावित नहीं होगी।