सुनील छेत्री ने मैच के बाद कहा-रिकार्ड मायने नहीं रखते, गोल कौन करता है यह मायने नहीं रखता। जो भी गोल करता है, जश्न मनाने का तरीका समान होता है। मैं खुश हूं कि हमने इस मैच से तीन अंक हासिल किये। चौंतीस साल के खिलाड़ी का दूसरा गोल विश्व स्तरीय गोल था, उन्होंने कहा-दस साल के बाद ही मैं अपने गोल के बारे में सोच सकता हूं।
उन्होंने कहा-इस समय हमें सिर्फ मैचों पर ध्यान लगाये रखने की जरूरत है। गोल आते रहें, इसी की जरूरत है, यह मायने नहीं रखता कि गोल कौन करता है। छेत्री ने कहा-जब भी कोई गोल करता है, आप जश्न और खुशी देख सकते हो। मैं लड़कों के लिये बहुत खुश हूं। हर खिलाड़ी दौड़ता रहा और बेहतरीन डिफेंस दिखाया।
उन्होंने आगामी मुकाबलों के बारे में बात करते हुए कहा, ‘‘जब हमने सोचना शुरू किया तो यह कठिन पूल है, हमें लगा कि सभी अन्य टीमें हमसे ज्यादा अनुभवी और बेहतर हैं। लेकिन जिस तरह से खिलाड़ियों ने प्रदर्शन किया, बेहतरीन जज्बा दिखाया, वो शानदार रहा। मैं पहले भी कह चुका हूं कि हमारे खिलाफ खेलना बहुत मुश्किल है। ’’ सुनील छेत्री ने कहा, ‘‘हम भले ही इतनी ज्यादा तकनीक वाली टीम नहीं हों लेकिन हम अंत तक जूझते हैं और लड़कों ने यही दिखाया।


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