धर्मशाला: विराट कोहली की अनुपस्थिति में भारतीय क्रिकेट टीम अपनी मौजूदा लय और मजबूती को बनाये रखते हुये कार्यवाहक कप्तान रोहित शर्मा के नेतृत्व में श्रीलंका के खिलाफ रविवार से शुरू हो रही वनडे सीरीज में भी धमाकेदार शुरूआत के लिये उतरेगी। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार 10 मैच जीतने का रिकार्ड बनाया है। उसने इस वर्ष श्रीलंका को उसी के घर में तीनों प्रारूपों में 9-0 से हराया था और अब अपनी घरेलू सीरीज में भी उसका मेहमान टीम के खिलाफ अपराजेय क्रम बना हुआ है।

टेस्ट सीरीज 1-0 से जीतने के बाद अब टीम इंडिया का रविवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी क्लीन स्वीप का इरादा है हालांकि उसके स्वभाविक स्टार कप्तान विराट संभवत: अपनी शादी के लिये अवकाश पर हैं और ऐसे में यह जिम्मेदारी सलामी बल्लेबाज रोहित के कंधों पर है। टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने और कई रिकार्ड बनाने वाले कप्तान और दुनिया के नंबर एक वनडे बल्लेबाज विराट की अनुपस्थिति निश्चित ही भारतीय टीम को खेलेगी। लेकिन यह बाकी खिलाड़ियों के लिये अपनी उपयोगिता साबित करने का अच्छा मौका भी साबित हो सकती है।

श्रेयस अय्यर, रोहित, मनीष पांडे, लोकेश राहुल, महेंद्र सिंह धोनी, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, अजिंक्या रहाणे सभी टीम बेहतरीन बल्लेबाज हैं और मैच के स्कोरबोर्ड को मजबूत रखने का जिम्मा इन पर है। विश्राम करके लौटे पांड्या मध्यक्रम में अच्छे स्कोरर हैं तो पूर्व कप्तान और टीम के सबसे अनुभवी धोनी निश्चित ही अपने‘वर्चुअल’कप्तान की भूमिका निभाएंगे और उनकी रणनीतियां अहम रहेंगी। धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ इस वर्ष उसकी जमीन पर खेली गयी पांच वनडे मैचों की सीरीज में संतोषजनक प्रदर्शन किया था और नाबाद 45, नाबाद 67, नाबाद 49 और नाबाद 01 रन की पारियां खेली थी। इस बार उनके पास आलोचकों को जवाब देने का मौका होगा।

हालांकि भरोसेमान माने जाने वाले बल्लेबाज अजिंक्या रहाणे की खराब फार्म जरूर चिंता का कारण है जिनका हाल में संपन्न टेस्ट सीरीज में काफी खराब प्रदर्शन रहा और वह इस समय अपनी लय में नहीं है। ओपनिंग क्रम में रोहित और रहाणे पहली पसंद हैं लेकिन शिखर धवन की तबीयत खराब होने की वजह से हो सकता है कि रहाणे को ओपनिंग का मौका मिले। ऐसे में यह उनके लिये अहम जिम्मेदारी होगी कि वह टीम को अच्छी शुरूआत दिला सकें। रहाणे ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी पांच मैचों की वनडे सीरीज में 05,55,70,53 और 61 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारियां खेली थीं लेकिन दक्षिण अफ्रीका सीरीज से ठीक पहले रहाणे की यह खराब फार्म टीम प्रबंधन के लिये भी चिंता की बात है। हालांकि उनके फार्म में वापसी की उम्मीद की जा सकती है।

वहीं छठे नंबर पर केदार जाधव के खेलने की उम्मीद है। टीम में श्रेयस और मनीष को भी शामिल किया गया है और यदि धवन और चोटिल जाधव धर्मशाला में नहीं खेलते हैं तो इन दोनों खिलाड़ियों को अंतिम एकादश का हिस्सा बनाया जा सकता है। गेंदबाजों में भी टीम इंडिया के पास अच्छा क्रम है। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार शादी के बाद वापसी कर रहे हैं और धर्मशाला पहुंच चुके हैं। उनके साथ जसप्रीत बुमराह गेंदबाजी आक्रमण संभालेंगे। टीम में सिद्धार्थ कौल को भी शामिल किया गया है लेकिन यह देखना होगा कि तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में उन्हें मौका मिलेगा या नहीं। स्पिनरों में युजवेंद्र चहल और चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव दोनों ने इस वर्ष कमाल की फार्म दिखाई है और अंतिम एकादश में अन्य स्पिनर अक्षर पटेल के साथ होंगे।

दरओर श्रीलंकाई टीम की बात करें तो भले ही कोटला में प्रदूषण के कारण उसके खिलाड़ियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी और मैच के पांचों दिन वह मॉस्क पहनकर खेलते दिखे हों लेकिन पहाड़ से घिरे धर्मशाला स्टेडियम में ठंडी और खुली हवा में उन्हें खेलने का मौका मिलेगा और इस बार वे यदि खराब प्रदर्शन करते हैं तो निश्चित ही उनके पास कोई बहाना नहीं होगा। श्रीलंका ने अपने घरेलू मैदान पर इस वर्ष भारत से 0-5 से वनडे सीरीज गंवायी थी लेकिन हाल में संपन्न तीन टेस्टों की सीरीज में उसने कहीं बेहतर खेल दिखाया और दो मैच ड्रा भी कराये। ऑलराउंडर तिषारा परेरा की कप्तानी में उसके पास भारत से वनडे में पिछली शर्मनाक हार का बदला चुकता करने का यह सुनहरा मौका भी है। श्रीलंकाई टीम में कुशाल परेरा और असेला गुणारत्ने की वापसी हो रही है जबकि दिल्ली में ड्रा रहे टेस्ट मैच में जिस तरह निचले क्रम के बल्लेबात्र धनंजय डीसिल्वा ने रन बनाये उसके बाद उनपर वनडे में भी इसी प्रदर्शन को दोहराने की जिम्मेदारी रहेगी। साथ ही निरोशन डिकवेला, अनुभवी ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज, उपूल थरंगा, लाहिरू तिरिमाने को भी आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी होगी।

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