वीरेंद्र सहवाग का बड़ा बयान: धोनी की सफलता के लिए इस खिलाड़ी ने दी कुर्बानी


क्रिकेट टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अपने बयानों से हमेशा ही सुर्खियों में बने रहते हैं। वीरेंद्र सहवाग ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू में एक बड़ा खुलासा किया है। वीरेंद्र सहवाग ने यह कहा है कि भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपने कैरियर में जो भी कामयाबी मिली है उसके पीछे सबसे बड़ा हाथ ‘दादा’ का है।

मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर वीरेंद्र सहवाग हमेशा से ही अपने ट्वीट की वजह से सुर्खियों में रहे हैं। फिर से वह एक बार अपने ट्वीट की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं। खबरों की मुताबिक सहवाग ने अपने एक इंटरव्यू में यह कहा है कि धोनी को सौरव गांगुली की वजह से ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाडिय़ों का दर्जा मिला है। उस लिस्ट में उनका नाम दर्ज हुआ है।

कुर्बानी दी थी गांगुली ने

भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज ने यह कहा है कि उस समय हम सब अपने बल्लेबाजी के ऑर्डर में एक्सपेरिमेंट करते रहते थे। सहवाग ने कहा कि हम यह फैसला करते थे कि सलामी जोड़ी अगर अपना अच्छा प्रदर्शन करती है तो गांगुली को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा। और अगर पार्टनरशिप अच्छी नहीं होती है तो फिर टीम के बेहतरीन हिटर्स को बल्लेबाजी के लिए भेजा जाएगा जैसे कि इरफान और धोनी।

फिर गांगुली ने टीम के लिए यह फैसला किया कि वह धोनी को अपनी जगह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजेंगे। वीरु ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि गांगुली हमेशा से ही नए खिलाडिय़ों को मौका देने में विश्वास रखते थे। वीरु ने कहा कि अगर दादा ने यह फैसला नहीं लिया होता तो धोनी आज दुनिया के इतने बड़े खिलाड़ी नहीं होते।

सौरव और सहवाग में जंग छिड़ गई थी

सहवाग ने हाल ही में अपने सनसनीखेज बयान देने के बाद से ही गांगुली और सहवाग में सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गर्ई थी। सहवाग ने ऐसा कहा था कि बोर्ड में सेटिंग की कमी होने की वजह से टीम के मुख्य कोच नहीं बन पाए। सौरव गांगूली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की सलाहकार समिति ने ही भारतीय कोच के पद के लिए रवि शास्त्री को चुना था।

सहवाग ने अपने इंटरव्यू में यह कहा था कि बीसीसीआई में शामिल अधिकारियों का संरक्षण उन्हें नहीं मिल पाया था जिसकी वजह से वह कोच पद के लिए नहीं चुने गए। वीरु ने कहा कि अब वह दोबारा इस पद के लिए आवेदन नहीं करेंगे। वीरु ने यह भी कहा था कि बोर्ड अधिकारियों के एक वर्ग पर यह आरोप लगाया था कि उन्हें आवेदन भरने के दौरान गुमराह किया गया था।

सौरव गांगुली ने इसके बाद सहवाग की इस टिप्पणी को मूर्खतापूर्ण बोला था। इसके बाद उन्होंने उस बात का खंडन भी किया था। सहवाग के इस बयान से ऐसा लगता है कि दोनों ही खिलाडिय़ों में अब कोई परेशानी नहीं है।