नई दिल्ली : देश के जाने माने मुक्केबाज अखिल कुमार को पेशेवर मुक्केबाज़ी रास आ गई है। लेकिन वह नहीं मानते कि पूरी तरह पेशेवर मुक्केबाज़ी को समर्पित रहेंगे। यहां होप एंड ग्लोरी एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अखिल ने विनम्रता के साथ कहा कि शनिवार को तालकटोरा स्टेडियम में तंज़ानिया के सादिकी मोमबा के विरुद्व होने वाले मुक़ाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने मोमबा की हुंकार और बड़बोलेपन का जवाब देते हुए कहा कि रिंग पर ही पता चलेगा कि असली चैम्पियन कौन है।

जैसा की अक्सर होता है, अपने प्रतिद्वंदी पर दबाव बनाने के लिए मुक्केबाज बड़बोलापन दिखाते हैं पर अखिल ने इतना ही कहा कि ज़्यादा ड्रामेबाजी से कुछ नहीं होने वाला। एक अन्य बड़े मुक़ाबले में अखिल के मित्र और शिष्य जितेंद्र को जार्जिया के नानावा दाटो से निपटना है। जितेंद्र ने भी आत्म विश्वास के साथ कहा कि उसे सिर्फ जीतना है। अन्य भारतीय मुक्केबाज़ों में बृजेश कुमार मीना, सिद्वार्थ वर्मा और महिला वर्ग में प्रीति दहिया, रूपिंद्र कौर और रश्मि गौड़ शामिल हैं, जिन्हें प्रो. मुक्केबाज़ी में अपनी प्रतिष्ठा और दमखम को साबित करना है।

इस अवसर पर अखिल और जितेंद्र ने माना कि पेशेवर मुक्केबाज़ी में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है लेकिन इस शैली का अपना अलग रोमांच है। दोनों मुक्केबाज ओलंपिक में देश के लिए खेल चुके हैं और उम्मीद करते हैं कि क्वालीफ़ाई कर पाए तो एक और ओलंपिक जरूर खेलना चाहेंगे।

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(राजेंद्र सजवान)