नई दिल्ली : शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों के आकर्षक अर्धशतकों के बाद रविंद्र जडेजा के दो विकेटों से भारत ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन आज यहां जीत की तरफ मजबूत कदम बढ़ाये। भारत ने श्रीलंका के सामने 410 रन का रिकार्ड लक्ष्य रखा जिसके जवाब में मेहमान टीम चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक तीन विकेट पर 31 रन बनाकर संघर्ष कर रही है। खराब रोशनी के कारण फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिन का खेल 13 ओवर पहले खत्म किए जाने पर धनंजय डिसिल्वा 13 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि एंजेलो मैथ्यूज उनका साथ निभा रहे हैं जिन्होंने अभी खाता नहीं खोला है। श्रीलंका ने दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाजों सदीरा समरविक्रम (05) और दिमुथ करूणारत्ने (13) के अलावा रात्रि प्रहरी सुरंगा लकमल (00) के विकेट गंवाये। समरविक्रम का मोहम्मद शमी (आठ रन पर एक विकेट) की गेंद पर स्लिप में अजिंक्य रहाणे ने आसान कैच लपका जबकि करूणारत्ने ने रविंद्र जडेजा (पांच रन पर दो विकेट) की गेंद पर विकेटकीपर साहा को कैच थमाया। जडेजा ने इसके बाद लकमल को भी बोल्ड किया।

श्रीलंकाई टीम को जीत के लिए अब भी 379 रन जबकि भारत को सात विकेट की दरकार है। पहली पारी में 163 रन की बढ़त हासिल करने वाले भारत ने अपना 32वां जन्मदिन मना रहे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (67), कप्तान विराट कोहली (50), रोहित शर्मा (नाबाद 50) और चेतेश्वर पुजारा (49) की उम्दा बल्लेबाजी से दूसरी पारी पांच विकेट पर 246 रन बनाकर घोषित की। फिरोजशाह कोटला पर कोई टीम कभी चौथी पारी में 364 से ज्यादा रन नहीं बना पायी है। भारत ने दिसंबर 1979 में पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट पर 364 रन बनाए थे और यह मैच ड्रा छूटा था। इस मैदान पर सबसे बड़े लक्ष्य हासिल करने का रिकार्ड भारत और वेस्टइंडीज के नाम दर्ज है जिन्होंने एक दूसरे के खिलाफ 276 रन के लक्ष्य को हासिल करते हुए समान पांच विकेट पर 276 रन बनाकर पांच-पांच विकेट से जीत दर्ज की थी। वेस्टइंडीज ने नवंबर 1987 जबकि भारत ने नवंबर 2011 में यह लक्ष्य हासिल किया। सुबह श्रीलंका की टीम पहली पारी में 373 रन पर सिमट गई जिससे भारत ने 163 रन की बढ़त हासिल की। श्रीलंका की तरफ से कप्तान दिनेश चांदीमल ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 164 रन की पारी खेली जबकि कल एंजेलो मैथ्यूज ने 111 रन बनाए थे। भारत की ओर से रविचंद्रन अश्विन (90 रन पर तीन विकेट) और इशांत शर्मा (98 रन पर तीन विकेट) ने तीन-तीन जबकि मोहम्मद शमी (85 रन पर दो विकेट) और रविंद्र जडेजा (86 रन पर दो विकेट) ने दो-दो विकेट चटकाए। दूसरी पारी में भारत की शुरूआत खराब रही।

मुरली विजय (09) ने सुरंगा लकमल के पारी के पहले ओवर में लगातार दो चौके मारे। लेकिन इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में आफ साइड से बाहर की गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे। खराब फार्म से जूझ रहे रहाणे को टीम प्रबंधन ने तीसरे नंबर पर भेजा लेकिन वह सिर्फ 10 रन बनाने के बाद आफ स्पिनर दिलरूवान परेरा की गेंद को उठाकर मारने की कोशिश में लांग आन पर लक्षण संदाकन को कैच दे बैठे। मौजूद सीरीज में वह 4, 0, 2, 1 और 10 रन की पारियां खेलकर सिर्फ 17 रन बना पाए। पुजारा कामचलाऊ स्पिनर धनंजय डिसिल्वा की गेंद पर स्लिप में मैथ्यूज को कैच दे बैठे जिससे धवन के साथ उनकी 77 रन की साझेदारी का अंत हुआ। उन्होंने 66 गेंद का सामना करते हुए पांच चौके जड़े। धवन ने लकमल पर दो चौंकों के बाद संदाकन की गेंद पर एक रन के साथ 83 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर एक गेंद बाद छक्के के साथ टेस्ट क्रिकेट में 2000 रन पूरे किए। वह इस पारी के दौरान प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठ हजार रन पूरे करने में भी सफल रहे। धवन ने डिसिल्वा पर लगातार दो चौके मारे लेकिन संदाकन की गेंद का आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में चूक गए और डिकवेला ने उन्हें स्टंप कर दिया। कोहली और रोहित ने इसके बाद तेजी से रन बटोरे। कोहली ने गमागे पर चौका जड़ा जबकि रोहित ने भी इस तेज गेंदबाज के लगातार तीन ओवरों में चौके मारे। भारत ने दूसरे सत्र में 26 ओवर में दो विकेट गंवाकर 141 रन जोड़े। कोहली ने लकमल पर चौके के साथ 45वें ओवर का भारत का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया।

भारतीय कप्तान ने संदाकन की गेंद पर एक रन के साथ 55 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि अगले ओवर में गमागे की गेंद पर लांग आन पर लकमल का कैच दे बैठे। उन्होंने 58 गेंद की पारी में तीन चौके मारे और रोहित के साथ 90 रन की साझेदारी की। रोहित ने गमागे की गेंद पर दो रन के साथ 49 गेंद में मैच का लगातार दूसरा अर्धशतक पूरा किया जिसके बाद कोहली ने पारी घोषित कर दी। रोहित ने अपनी पारी के पांच चैके मारे। रविंद्र जडेजा चार रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले श्रीलंका ने दिन की शुरूआत नौ विकेट पर 356 रन से की और सुबह 5.3 ओवर में 17 रन जोड़कर चांदीमल के रूप में अपना अंतिम विकेट भी गंवा दिया। सुबह सभी रन चांदीमल के बल्ले से निकले। चांदीमल ने शमी के पहले ही ओवर में तीन रन के साथ अपने करियर में चौथी बार 150 रन के आंकड़ को छुआ। उन्होंने शमी पर लगातार दो चौकों के साथ 162 रन के अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ स्कोर को पार किया जो उन्होंने अगस्त 2015 में गाले में भारत के खिलाफ ही बनाया था।

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