प्रोविडेन्स : खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अब तक अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही भारतीय महिला क्रिकेट टीम शुक्रवार को यहां न्यूजीलैंड के खिलाफ महिला विश्व टी20 चैंपियनशिप में अपने अभियान का सकारात्मक आगाज करने के लिये उतरेगी। भारतीय महिला टीम 50 ओवरों के मैच की तुलना में टी20 में प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं कर पायी है। वनडे विश्व कप में भारतीय टीम पिछले साल फाइनल में पहुंची थी जहां उसे इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था।

कप्तान हरमनप्रीत कौर और नव नियुक्त कोच रमेश पोवार ने कहा कि टीम ने फाइनल की उस हार से सबक लिया है तथा युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम ‘निर्भीक’ बन गयी है। भारत की छह खिलाड़ी पहली बार विश्व कप में भाग ले रही हैं। पिछले पांच विश्व टी20 में भारत कभी फाइनल में नहीं पहुंच पाया। वह 2009 और 2010 में सेमीफाइनल में पहुंचा था। यह पहला अवसर है जबकि महिला विश्व टी20 पुरूषों से अलग आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले महिला और पुरूष दोनों के टूर्नामेंट एक साथ होते थे। विश्व टी20 से पहले भारत ने अच्छी फार्म दिखायी है।

उसने श्रीलंका को उसकी सरजमीं पर हराया और आस्ट्रेलिया ए को स्वदेश में पराजित किया। अभ्यास मैचों में मौजूदा चैंपियन वेस्टइंडीज और इंग्लैंड पर जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंदाना ने कहा कि जून में एशिया कप टी20 फाइनल में बांग्लादेश से मिली हार ने टीम को सही समय पर सतर्क कर दिया। टीम की उप कप्तान मंदाना ने कहा कि एशिया कप में मिली हार के बाद हर किसी ने वापस लौटने पर कड़ी मेहनत की।

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