मोबाइल फोन इंडस्ट्री की ग्रोथ को रिव्यु करने के बाद केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने X पर post करते हुए बताया की भारतीय मोबाइल इंडस्ट्री में काफी तेज़ी से ग्रोथ हो रहा है। उन्होंने बताय की भारत में बन रहे 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन 'मेड इन इंडिया' हैं , जो 2014 के मुकाबले में 20% का ग्रोथ दिखता है। पछले 9 सालों में भारत के मोबाइल फोन इंडस्ट्री ने काफी बढ़िया परफॉर्म किया है। एक तरफ 2014 में भारत 78% मोबाइल फोन इंपोर्ट करता था वहीं, अब 2023 में भारत 99.2 प्रतिशत स्मार्टफोन को खुद अपने देश में त्यार कर रहा है. यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद कर रही है।
Courtesy : ये पोस्ट X पर @AshwiniVaishnaw नाम के अकाउंट से शेयर किया गया
बता दे Ashwini Vaishnaw भारत के Minister of Electronics and Information Technology हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि भारत में मोबाइल फोन उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। 2022 में, भारत में 167 मिलियन मोबाइल फोन का उत्पादन किया गया, जो 2021 की तुलना में 14% अधिक है।उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया पहल के तहत, भारत मोबाइल फोन निर्माण में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन गया है।
भारत सरकार ने मोबाइल फोन निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इनमें Mobile Phone Policy, Electronics Manufacturing Technology Development Center (EEMDC) और मोबाइल फोन निर्माण के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) शामिल हैं। इन पहलों के परिणामस्वरूप भारत ने मोबाइल फोन निर्माण में तेजी से प्रगति की है। वर्ष 2022 में भारत में 1.6 बिलियन से अधिक मोबाइल फोन का उत्पादन किया गया था, जो दुनिया में किसी भी अन्य देश से अधिक है। भारत में मोबाइल फोन निर्माण के बढ़ते महत्व के कई कारण हैं। इनमें भारत की बढ़ती जनसंख्या, बढ़ता मध्यम वर्ग और बढ़ता डिजिटलीकरण शामिल हैं। भारत में मोबाइल फोन निर्माण से देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। मोबाइल फोन निर्माण उद्योग में लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है और यह देश में निर्यात भी बढ़ा रहा है।
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