नीतीश हत्यारोपी, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस दिखावा : लालू


पटना : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के प्राथमिकी दर्ज करने के बाद श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच आज श्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दिये जाने पर कहा कि हत्या के आरोपी श्री कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दिखावा कर इस्तीफा दिया है और अब बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का अधिकार राजद का है। श्री यादव ने राज्य में तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर यहां अपने आवास पर राजद विधायकों के साथ मंथन करने के बाद जल्दबाजी में बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में कई आरोप लगाए।

और कहा कि श्री कुमार के खिलाफ अदालत परिसर में सीताराम ङ्क्षसह की हत्या के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा 302 एवं 307 के साथ ही आम्र्स एक्ट की धारा 27 के तहत पटना जिले में बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना में 16 नवंबर 1991 को मामला दर्ज है। उन्होंने कहा कि हत्या के आरोपी श्री कुमार किस हैसियत से मुख्यमंत्री के पद पर बैठे हुये थे। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दिखावा कर अपने पद से इस्तीफा दिया है। राजद अध्यक्ष ने कहा कि हत्या का आरोप होने के बावजूद श्री कुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। वहीं, श्री कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) तेजस्वी से सीबीआई की उस प्राथमिकी के आधार पर इस्तीफे की मांग कर रही थी जब वह नाबालिग थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दिखावा करने वाले श्री कुमार को हत्या के इस मामले का जनता के बीच भंडाफोड़ होने का डर था इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि श्री कुमार के इस्तीफे के बाद बड़ी पार्टी होने के कारण सरकार बनाने का अधिकार राजद का है। श्री यादव ने कहा कि हत्या के इस मामले में श्री कुमार पर संज्ञान भी हो चुका है। इसके अलावा श्री कुमार ने विधान परिषद चुनाव की घोषणा पत्र में भी स्वीकार किया है कि उनके ऊपर हत्या का मामला चल रहा है। हत्या के इस मामले की सुनवाई पटना उच्च न्यायालय में भी चल रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि श्री कुमार का यह कैसा जीरो टॉलरेंस है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कथित आरोप से बड़ा होता है अत्याचार और एक मतदाता की हत्या। राजद अध्यक्ष ने कहा कि श्री कुमार को पता था कि यदि सीबीआई के प्राथमिकी पर तेजस्वी से इस्तीफा देने के लिए कहते हैं तो उनके खिलाफ चल रहे हत्या के मामले का खुलासा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री कुमार ने भाजपा के साथ मिलकर राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम की पूरी पटकथा पहले ही लिख दी थी। उन्होंने सवालिया लहजे में ही कहा कि यदि श्री कुमार को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से इतना ही मोह था तो उन्होंने मेरे खिलाफ चल रहे पशुपालन घोटाला मामले की जानकारी होने के बावजूद क्यों हाथ मिलाया।

श्री यादव ने श्री कुमार के इस्तीफे पर दु:ख व्यक्त करते हुये कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से ‘तलाक’ होने के बाद साम्प्रदायिक ताकतों से लडऩे के लिए उनकी पार्टी राजद, जदयू और कांग्रेस ने महागठबंधन बनाया था, जिसे वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में पांच साल तक सरकार चलाने के लिए जनादेश प्राप्त हुआ था, लेकिन श्री कुमार ने इस्तीफा देकर राज्य के गरीबों, पिछड़ों, दलितों और वंचितों की उम्मीद को तोड़ दिया है।