प्रधानमंत्री मोदी ने की चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात


अस्ताना : अस्ताना में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता के मुद्दे को लेकर हुई इस मुलाकात को आपसी देशो के संबंध सुधारने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

दोनों नेताओं के बीच की यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योकि यह इन दोनों देशो की इस साल की पहली मुलाकात है और यह भारत द्वारा बेल्ट एंड रोड फोरम का बहिष्कार किए जाने के बाद हुई है। पिछले माह बीजिंग में आयोजित इस फोरम का भारत ने बहिष्कार किया था। इसमें विश्व के 29 नेताओं ने हिस्सा लिया था। बेल्ट एंड रोड पहल के तहत बनने वाले 50 अरब डॉलर के चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी अपनी चिंताओं को रेखांकित करने के लिए भारत इस सम्मेलन में नहीं गया। माना यह भी जा रहा की यह रास्ता पाक अधिकृत कश्मीर में गिलगित और बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है।

प्रधानमंत्री मोदी और शी यहां शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे हं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बाग्ले ने ट्वीट किया, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अस्ताना में एससीओ सम्मेलन से पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की।” चीन 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह मेें भारत का प्रवेश रोकने के अपने रूख को लेकर मुखर है। उसने संयुक्त राष्ट्र से जैश-ए-मुहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने के भारत के प्रयास को भी अवरूद्ध कर दिया था।

अस्ताना के बाद मोदी और शी अगले माह जर्मनी के हैम्बर्ग में होने वाले जी20 सम्मेलन में भी मिल सकते हैं। इसके बाद सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन चीन में होगा। एससीओ से इतर मोदी ने उज्बेक राष्ट्रपति शावकत मिर्जीयोयेव से भी मुलाकात की। बाग्ले ने ट्वीट किया, ”भारत और उज्बेकिस्तान के सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद, मोदी ने एससीओ सम्मेलन से इतर उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जीयोयेव से मुलाकात की।”