चेन्नई में 11 वर्षीय बधिर लड़की से सात महीने तक कथित तौर पर कई बार बलात्कार किए जाने के संबंध में गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों की आज एक अदालत में गुस्साएं वकीलों ने पिटाई कर दी और उन्हें सीढ़ियों से घसीटा। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें अयनावरम इलाके के एक अपार्टमेंट में काम करने वाला लिफ्टमैन, सिक्योरिटी गार्ड, प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

लड़की अपने परिवार के साथ इसी अपार्टमेंट में रहती है और अपार्टमेंट में ही उससे कई बार कथित तौर पर बलात्कार किया गया।

घटना को लेकर जन आक्रोश के बीच आरोपियों को गिरफ्तार कर महिला अदालत में पेश किया गया जहां गुस्साएं वकीलों ने उन पर लात घूंसे बरसाए और उन्हें सीढ़ियों से घसीटा।

अदालत ने सभी आरोपियों को 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लड़की से बलात्कार करने से पहले उसे नशे के इंजेक्शन, नशीले पदार्थ वाली सॉफ्ट ड्रिंक देते थे और नशीला पाउडर सूंघाते थे तथा उन्होंने इस घटना की वीडियो भी बनाई थी।

इस बीच, मद्रास उच्च न्यायालय वकील संघ (एमएचएए) ने कहा कि मामले में कोई वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा तथा उसने आरोपियों के लिए ‘‘कड़ी सजा’’ की मांग की।

एमएचएए अध्यक्ष जी मोहनकृष्णन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वकीलों ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करके इस घटना के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। हमने फैसला किया है कि कोई भी वकील उनकी ओर से पेश नहीं होगा।’’

उन्होंने बताया कि एमएचएए के फैसले के बारे में अन्य वकील संघों को भी सूचित किया जाएगा। पीड़िता की मां की शिकायत पर गिरफ्तारियां की गई हैं।

दिल को झकझोर देने वाली यह घटना तब सामने आई जब सातवीं कक्षा की छात्रा ने अपनी बड़ी बहन को इसके बारे में बताया। बहन ने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी जिसके बाद 15 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘लड़की ने कहा कि 11 लोगों ने उसका यौन शोषण किया और उसने 17 लोगों की पहचान की जिसमें इस कथित अपराध को अंजाम देने वाले लोगों के साथी भी शामिल हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि लड़की से सबसे पहले लिफ्ट ऑपरेटर ने बलात्कार किया था और बाद में कई अन्य आरोपियों ने उसका यौन शोषण किया जो कई महीनों तक चलता रहा। अधिकारी ने बताया कि कम से कम चार लोगों ने इस अपराध को कबूल किया है जबकि दो अन्य ने भी कहा कि उन्होंने लड़की का यौन उत्पीड़न किया था।

पुलिस ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है और अपार्टमेंट परिसर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम इसे विशेष मामले के तौर पर ले रहे हैं और इस पर काम कर रहे हैं।’’

जब आरोपियों को अदालत लाया गया तो पारिवारिक अदालत परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित महिला अदालत के बाहर तनाव व्याप्त हो गया। अदालत की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक चार घंटे तक चली।

जब पुलिस का दल आरोपियों को वापस ले जाने लगा तो करीब 50 वकीलों ने आरोपियों की पिटाई कर दी। अदालत परिसर में तनाव उत्पन्न होने के कारण आठ आरोपियों को भूतल पर तृतीय अतिरिक्त पारिवारिक अदालत के भीतर ले जाया गया जबकि बाकी नौ आरोपियों को वापस महिला अदालत में भेजा गया जहां वकीलों के उग्र प्रदर्शन के कारण उन्हें पांच घंटे तक अंदर ही रखा गया।

पारिवारिक अदालत के प्रधान न्यायाधीश धरमन, एमएचएए प्रमुख मोहनकृष्णन, वकील कन्नादासन, संयुक्त पुलिस आयुक्त टी एस अन्बू और अन्य रात करीब 7:40 बजे गुस्साएं वकीलों को विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए मनाने में कामयाब हुए। इसके बाद आरोपियों को जेल ले जाया गया।