अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में अब एक नया एंगल सामने आया है। दुबई के शासक मोहम्मद बिन राशिद की बेटी प्रिंसेज शेख लतीफा-अल मकतूम की पैरवी कर रही वकील ने आरोप लगाया गया है कि हेलीकॉप्टर सौदे के बिचौलिए क्रिस्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण के एवज में भारत ने शेख लतीफा को दुबई वापस भेजा है।

दरअसल, यूएई के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन राशिद की बेटी शेख लतीफा इस साल 4 मार्च को फरार हो गई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह दुबई छोड़कर अमेरिका में शरण लेना चाहती थी। इसके लिए 32 साल की लतीफा अपनी एक दोस्त टीना के साथ दुबई से ओमान गई।. इसी क्रम में वह बोट के जरिए भारतीय समुद्री सीमा के आसपास देखी गईं. दावा है कि यहां से भारतीय एजेंसियों ने शेख लतीफा को हिरासत में ले लिया और दुबई की अपील पर लतीफा की मर्जी के खिलाफ उसे दुबई वापस भेज दिया।

अब दुबई में शेख लतीफा की पैरवी कर रहीं राधा स्टर्लिंग ने दावा किया है कि भारत सरकार ने दुबई से क्रिस्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण को लेकर डील की है और इसी के तहत शेख लतीफा को वापस दुबई भेजा गया है। राधा स्टर्लिंग ने ये भी आरोप लगाया है कि दोनों देशों के बीच इस मसले पर अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। राधा के मुताबिक, प्रत्यर्पण का जो काम कोर्ट प्रक्रिया के तहत किया जाता है, वह भारत और दुबई के राजनयिकों के बीच किया जा रहा है।

बता दें कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर सौदे के बिचौलिए क्रिस्चियन मिशेल को पिछले साल दुबई में पकड़ा गया था।हाल ही में मिशेल के वकील ने दावा किया था कि भारत और यूएई के अधिकारी उन पर अपराध कबूल करने और अपने बयान में कांग्रेसी नेता सोनिया गांधी का नाम लेने का दबाव बना रहे हैं। जिसके बाद कांग्रेस ने मौजूदा सरकार को घेरा भी है।

हालांकि, इस दावे के बारे में पूछे जाने पर सीबीआई ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि उनकी टीम ने मिशेल से यूएई में पूछताछ नहीं की। सीबीआई ने बताया कि क्रिस्चियन मिशेल को यूएई के अधिकारियों ने फरवरी 2017 में गिरफ्तार किया था। उन्हें इस साल गिरफ्तार नहीं किया गया जैसा कि उनके वकील दावा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भगोड़े के खिलाफ प्रत्यर्पण कार्यवाही यूएई में चल रही है और प्रत्यर्पण का आग्रह किया जा रहा है।

सीबीआई चार्जशीट

इस केस में सीबीआई ने पिछले साल सितंबर में चार्जशीट दायर की थी, जिसमें पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी को आरोपी बनाया गया था। जांच एजेंसी ने 18 जुलाई को दिल्ली की अदालत में सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर की थी और अगस्तावेस्टलैंड तथा फिनमेकेनिका के पूर्व निदेशकों गिउसेप्पे ओर्सी तथा ब्रूनो स्पैग्नोलिनी और पूर्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी पर वीवीआईपी हेलीकॉप्टर रिश्वत मामले में धनशोधन का आरोप लगाया।

चार्जशीट में कहा गया है कि ट्यूनीशिया, मॉरीशस, भारत, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, दुबई आदि जगहों पर स्थित विभिन्न कंपनियों के जरिए धनशोधन का अपराध किया गया।

2014 में रद्द हुआ था सौदा

भारत ने एक जनवरी 2014 को फिनमेकेनिका की ब्रिटिश अनुषंगी अगस्तावेस्टलैंड के साथ वह सौदा रद्द कर दिया था जिसके तहत भारतीय वायुसेना को 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की जानी थी।