दिल्ली पुलिस ने एयरहोस्टेस की संदिग्ध मौत के मामले में उसके पति मयंक सिंघवी को एक घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जहा मयंक को पुलिस ने आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस बीच पुलिस ने अनिशिया के शव का दोबारा पोस्टमार्टम भी करवाया और इसकी पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी करवाई। साथ ही पुलिस ने बताया कि विसरा जांच के लिए विसरा का नमूना भी ले लिया गया है। हालांकि अब तक अनिशिया की मौत की गुत्थी उलझी हुई है।

बता दे कि दिल्ली के हौजखास के पंचशील पार्क में अनीशिया की मौत के मामले में उसके परिजनों ने मयंक व उसके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आपको बता दे कि एक ओर जहां अनीशिया की मां ने बेटी के हनीमून की रात में क्या हुआ ये बताया है।

पुलिस को दिए बयान में अनीशिया की मां ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि शादी के बाद तीसरे दिन ही बेटी ने उन्हें फोन करके मारपीट की बात बताई थी। उन्होंने बताया कि हनीमून पर भी पति मयंक ने अनीशिया को मारा-पीटा था। इसके बाद हमने उसकी काउंसलिंग भी की थी, इसके बाद कुछ दिन तक सबकुछ ठीक था। बाद में तकरीबन हर हफ्ते अनीशिया के साथ उसका पति मारपीट करता था। अनीशिया के परिजनों और दोस्तों का साफतौर पर कहना है कि वह घरेलू हिंसा का शिकार थी और उसे दहेज के लिए परेशान किया जाता था, इसीलिए उसकी हत्या की गई।

आपको बता दे कि मृतक अनीशिया बत्रा लुफ्तहांसा एयरलाइन्स में बतौर केबिन क्रू काम करती थीं। 23 फरवरी 2018 को उनकी शादी मयंक सिंघवी के साथ हुई थी जो इन्वेस्टर बैंकर हैं। पुलिस को दिए एक बयान में अनीशिया की मां नीलम ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद हनीमून के दूसरे दिन ही दुबई में मयंक ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए बेटी से अलग कमरे में ठहरने की सलाह दी थी।

उन्होंने कहा कि अनीशिया पूरी रात मुझे मेसेज करती रही। अगले दिन उसने होटल छोड़ दिया और अपनी एक दोस्त के घर चली गई। वहां से वह एयरपोर्ट गई और इंडिया वापस आ गई।’ नीलम ने बताया कि उन्होंने बेटी को ये सारी बातें अपने ससुरालवालों को बताने की सलाह दी थी।

अनीशिया के परिवार का कहना है कि एक हफ्ते बाद मयंक शराब पीकर घर आया था उसने अनीशिया के साथ मारपीट की थी। उनका कहना है कि शादी के बाद उन्हें पता चला कि मयंक तलाकशुदा है।

आपको बता दे कि दरअसल आईपीसी की धारा-304 बी के तहत प्रावधान है। कि अगर महिला की मौत शादी से 7 साल के अंदर जलने, मारपीट, किसी भी रहस्यमय या असामान्य परिस्थिति में होती है और मौत से पहले महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया हो तो प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ दहेज हत्या यानी 304 बी (Dowry Death Law, 1986) का केस बनता है।

एविडेंस एक्ट की धारा-113 बी के तहत पति और रिश्तेदारों को आरोपी मान लिया जाता है। दहेज हत्या का मामला भी गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है। और इस मामले में दोषी पाए जाने पर मुजरिम को कम के कम 7 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा का प्रावधान है।