यू पी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा खाली किए गए। चार विक्रमादित्य मार्ग स्थित बंगले में तोड़फोड़ व नुकसान की जांच के लिए लोक निर्माण विभाग ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

दरअसल, राज्य संपत्ति विभाग ने सरकारी आवास में बैडमिंटन कोर्ट, साइकिल ट्रैक, जिम समेत कई स्थानों पर तोड़फोड़ की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी से सहयोग मांगा था। जिसके बाद जांच कमेटी गठित की गई।

चीफ इंजीनियर भवन की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बंगले की जांच करेगी। इसमें निर्माण निगम के एमडी, चीफ आर्किटेक्ट और भवन एवं इलेक्ट्रिकल के एक-एक इंजीनियर को शामिल किया गया है। कमेटी जांच में निजी इंजीनियरों की मदद भी ले सकती है।

आपको बता दे कि यू पी के पूर्व मुख्यमंत्री को लखनऊ के चार विक्रमादित्‍य मार्ग पर सरकारी बंगला आवंटित किया गया था। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूर्व मुख्‍यमंत्रियों द्वारा सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया था।

इस आदेश के तहत यूपी के छह पूर्व मुख्‍यमंत्रियों अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव, एनडी तिवारी, राजनाथ सिंह और कल्‍याण सिंह को सरकारी बंगला खाली करना था. इसके तहत पहले तो अखिलेश यादव ने दो साल का वक्‍त मांगा था लेकिन बाद में उन्‍होंने बंगला खाली कर दिया।

वही , अखिलेश की ओर से बंगला खाली करने के बाद राज्‍य संपत्ति विभाग ने उनका बंगला मीडिया के लिए खोला था। इसमें मीडिया के सामने बंगले में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाए जाने की तस्‍वीरें सामने आई थीं। इसके बाद अखिलेश यादव पर बंगले से एसी, टोटी, टाइल्‍स, नल समेत अन्‍य सामान निकाल ले जाने के आरोप लगे। हालांकि अखिलेश ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था और बीजेपी सरकार पर उनके खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया था।

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