योग गुरु बाबा रामदेव की निगाहें भी शुक्रवार को संसद की कार्यवाही पर लगी रही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की झप्पी देने की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्हें भी राहुल की झप्पी अच्छी लगी। रामदेव ने कहा, राजनीति में परस्पर बैर नहीं होना चाहिए बल्कि मुद्दों पर आधारित विरोध होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये अच्छी शुरुआत हुई है। बैर मन में ना हो, जो विरोध हो वह मुद्दा आधारित हो। योग गुरु ने कहा कि संसद में आज मुद्दों पर आधारित बहस हुई। सभी ने अपने बुनियादी अधिकारों का उपयोग किया। ये अलग बात है कि विपक्ष पर सत्ता पक्ष भारी रहा क्योंकि उनका संख्या बल भारी है।

 

एक स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे रामदेव ने  कहा, संसद में बड़ी सार्थक बहस हुई है, और जब बहस मुद्दों पर आधारित होती है तो उसका महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरीके से मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। यह एक सोशल जस्टिस की बात है। रामदेव ने स्वामी अग्निवेश पर हुए हमले की निंदा। उन्होंने कहा कि स्वामी अग्निवेश के साथ जो कुछ हुआ वह गलत था, उनके साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए था। हालांकि वे भी स्वामी अग्निवेश के कई विचारों से असहमत हैं।

मोदी सरकार पर निशाना

बाबा रामदेव ने बेरोजगारी को देश का सबसे बड़ा मुद्दा करार दिया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में वे खुद सर्वाधिक रोजगार पैदा कर रहे हैं। कहा कि महंगाई और गरीबी भारत माता के माथे पर कलंक है। इसे मिटाने के लिए और ज्यादा सार्थक कदम उठाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि साधु बेरोजगार होता है, और उनके जैसा फ़क़ीर जब लाखों लोगों को रोजगार देता है तो वजीर और वजीर-ए-आलम को और ज्यादा देना ही चाहिए।