बिहार सरकार ने अपनी सेवाओं में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लोगों पदोन्नति में आरक्षण की सुविधा देने का निर्णय लिया है। एक विशेष रिट याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के 17 मई और छह जून के पारित आदेशों के संदर्भ में केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से एक सलाह मिलने के बाद ऐसा किया गया है।

हालांकि एक सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, ऐसी पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट के आगे के आदेशों के तहत होगी। बता दें कि प्रमोशन में आरक्षण का मसला काफी विवादित रहा है। दलितों के हिमायती इस मसले पर लगातार सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि सरकार की तरफ से अदालत में मजबूती से पक्ष नहीं रखने की वजह से प्रमोशन में आरक्षण नहीं मिल रहा है।

वही, इससे पहले पांच जून 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ का फैसला आने तक एससी-एसटी को कानून के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण देने पर लगी रोक को हटा दिया था। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि जब तक संविधान पीठ इस पर अंतिम फैसला नहीं ले लेती है, तब तक सरकार प्रमोशन में रिजर्वेशन कर सकती है।