बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विकास के नाम पर लोगों को बरगलाने का आरोप मढते हुये आशंका जाहिर की कि चुनावों में संभावित हार के डर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) साल के अंत तक लोकसभा के आम चुनाव के साथ साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान विधानसभा चुनाव भी करा सकती है।

मायावती ने कहा कि मोदी ने ‘विकास’ के भ्रमित करने वाले राग को छोड़कर जातिवादी एवं सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने की कवायद शुरू की है। इससे जनता मे इस धारणा को बल मिला है कि मोदी की घटती लोकप्रियता से बौखलायी भाजपा काफी हताश है और मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ एवं राजस्थान विधानसभा के साथ ही लोकसभा का आमचुनाव भी समय से कुछ पहले इस वर्ष के अंत तक करा सकती है। जम्मू-कश्मीर में महबूबा मुफ्ती की सरकार को गिराकर भाजपा इसकी भूमिका पहले ही तैयार कर चुकी है।

आजमगढ़ और मिर्जापुर में PM का भाषण ‘चुनावी जुगाड़’ 

Modi Azamgarh rally

आजमगढ़ और मिर्जापुर में  मोदी के भाषण को चुनावी जुगाड़ वाला करार देते उन्होने कहा कि कर्नाटक मे साम, दाम, दण्ड, भेद सभी प्रकार के हथकण्डे अपनाने के बावजूद वहाँ सरकार नही बनाने के कारण भाजपा का शीर्ष नेतृत्व कुण्ठा और हताशा से ग्रसित प्रतीत हो रहा है और ओछी चुनावी राजनीति के लिये मैदान तैयार करने के क्रम में देश को जातिवाद, साम्प्रदायिक तनाव और हिंसा की आग में झोकने का प्रयास सरकारी संरक्षण में लगातार कर रहा है।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्षो मे देश ने देखा और अनुभव किया है कि भाजपा सत्ता मे आने के बावजूद वैसी ही घृणित नफरत, जातिवाद, विभाजन आदि की संकीर्ण व साम्प्रदायिक राजनीति करती चली आ रही है जैसा कि विपक्ष में रहकर इस प्रकार की घोर नकारात्मक राजनीति किया करती थी, यह अत्यन्त दुखद है।

उन्होने कहा कि भाजपा की संकीर्ण, नकारात्मक और विभाजनकारी राजनीति अब काम आने वाली नही है। लोगों ने अब संगठित होकर इन्हें विफल करने का प्रयास शुरु कर दिया है जिसका परिणाम अब हर जगह देखने को मिल रहा है। घृणा, नफरत, विभाजन और तोड़ने  की राजनीति कभी टिकाऊ नही हो सकती है।

मायावती ने कहा कि संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार को ‘अविश्वास प्रस्ताव’ का सामना करना है। इससे बचने के लिये भाजपा ने पिछला बजट सत्र चलने ही नहीं दिया था और अब भी उसकी ऐसी ही नकारात्मक रणनीति दिखाई पड़ती है। लोकसभा की तरह राज्यसभा को भी जनहित, जनकल्याण और देशहित से दूर रखने का भाजपा सरकार का प्रयास अति-निन्दनीय है।